आजादी के 75वें वर्ष के पावन उपलक्ष्य में 251 गांवों मेें निकाली जाएगी मशाल यात्रा
भारत की मूल्य सांस्कृतिक विरासत व अमर क्रांतिकारियों के विषय में दी जाएगी जानकारी
रायगढ़। आजादी के 75वें वर्ष के पावन उपलक्ष्य में 21, 22, 23 जनवरी 2022 को आर्ष गुरुकुल तुरंगा के प्रांगण में राष्ट्रभृत महायज्ञ के साथ मातृभूमि महासम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में जहां आजादी से पहले के क्रांतिकारियों की जीवंत झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी, वहीं पर आजाद भारत के वीर शहीदों को भी स्मरण कर उन्हें भी उनकी जीवनी के माध्यम से सबके बीच में लाया जाएगा।
आर्ष गुरुकुल तुरंगा के संचालक आचार्य राकेश कुमार ने बताया कि यह आजादी का 75 वर्ष है इस आजादी के 75 वर्ष के पावन उपलक्ष में आर्ष गुरुकुलम तूरंगा तथा इस संस्था के साथ जुड़े हुए लोगों ने यह संकल्प लिया है कि 251 गांव में मशाल यात्रा निकाली जाएगी। आजादी का अमृत महोत्सव के माध्यम से गांव-गांव में नौजवानों को भारत की मूल्य सांस्कृतिक विरासत तथा भारतीयता व अमर क्रांतिकारियों के विषय में जानकारी दी जाएगी।
एक ओर इस आयोजन में राष्ट्र की उन्नति की कामना हेतु यज्ञ संपन्न होंगे तो दूसरी ओर देश भर से पधारे हुए विद्वानों राजनेताओं समाजसेवियों तथा आजादी के जानकारों का व्याख्यान होगा। अधिक से अधिक अमर क्रांतिकारियों की प्रदर्शनी भी प्रकाशित की जाएगी। इस आयोजन में एक ओर जहां देश ,धर्म, समाज की बातें होंगी वहीं पर इस देश की अखंडता तथा इस के उत्थान के विषय में चिंतन व मनन भी होगा। इस आयोजन के माध्यम से हम अपने क्षेत्र ही नहीं अपितु पूरे देश और प्रदेश को आमंत्रित कर आजादी के दीवानों को अपनी सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। 251 गांव में जाने वाली यह यात्रा घर-घर यज्ञ, हर घर यज्ञ के माध्यम से प्रारंभ होगा। जहां गांव में सत्संग भजन प्रवचन होंगे वहीं पर गांव में सामंजस्य बने रहे, एकता बनी रहे, इसके लिए घर-घर यज्ञ संपन्न किए जाएंगे।
शीर्षस्थ राजनीतिज्ञों व शिक्षाविदों को किया जाएगा आमंत्रित
इस पावन पवित्र मातृभूमि महासम्मेलन में देश के वरिष्ठ संवैधानिक पदों पर बैठे हुए महानुभावो को भी आमंत्रित किया गया है तथा प्रदेश की शीर्षस्थ राजनीतिज्ञों शिक्षाविदों एवं अमर क्रांतिकारियों के परिजनों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। यह आयोजन अपने आप में अद्भुत तथा अविस्मरणीय वा प्रेरणा पुंज होगा। इस आयोजन के लिए मध्यप्रदेश, राजस्थान हरियाणा व उड़ीसा के विद्वान प्रचारक तथा उपदेशकों को आमंत्रित किया गया है। वे सभी इस आयोजन को सफल बनाने में 3 महीने का सघन परिश्रम करेंगे। आचार्य राकेश कुमार ने संस्था के संचालक होने के नाते पूरे क्षेत्रवासियों को इस आयोजन हेतु तन मन धन से सहयोग करने की कामना की है व इस आयोजन में पधार कर इस आयोजन को संपन्न करने की तथा आने वाले पीढिय़ों को अमर क्रांतिकारियों के विषय में जानकारी देने का आग्रह किया है। उन्होंने जानकारी भी प्रदान की है कि आगामी इस यज्ञ के लिए यज्ञशाला की भूमिपूजन तथा गांव-गांव बैठकों के माध्यम से आयोजन की सफलता हेतु कार्यक्रम किए जाएंगे।
