इस जिले में कुपोषण में 12 फीसद आई कमी, अभी भी हजारों बच्चे निगरानी में

by Kakajee News

बिलासपुर। सरगुजा संभाग के सरहदी जिले बलरामपुर में कुपोषण को दूर करने का संकल्प लेते हुए मुख्यमंत्री अभियान की शुरूआत की गई थी। जिले में दो अक्टूबर 2019 की स्थिति मेें 22535 कुपोषित बच्चों को लक्षित कर अतिरिक्त पोषण आहार के रूप में उन्हें सप्ताह में पांच दिन अण्डा प्रदान किया जा रहा था। योजना की प्रगति के मूल्यांकन हेतु अगस्त 2020 में पांच वर्ष से कम आयु के 96181 बच्चों का वजन लिया गया। अक्टूबर 2019 की स्थिति में जिले में 25.60 प्रतिशत कुपोषित बच्चे थे तथा वजन त्यौहार से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 9370 बच्चे कुपोषण से मुक्त हो चुके है। यानी जिले में कुपोषण की दर में 11.91 प्रतिशत कमी आई है। वर्तमान में जिले के 13.69 प्रतिशत अर्थात 13165 बच्चे कुपोषित हैं। जिले को कुपोषण मुक्त बनाने में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के सकारात्मक परिणामों से जिला कुपोषण मुक्ति की ओर अग्रसर हो रहा है।
बलरामपुर जिले में दो अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान प्रारंभ किया गया। कलेक्टर श्याम धावडे़ के निर्देशन में अभियान के सफल क्रियान्वयन को आगे भी जारी रखने के लिए निगरानी एवं पर्यवेक्षण हेतु कार्ययोजना तैयार की गई है।

468 पंचायतों में रखी जा रही निगरानी
जिले के 468 ग्राम पंचायतों में समस्त योजनाओं के सतत निगरानी हेतु 8 से 10 पंचायतों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जो समय-समय पर लक्षित ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर योजना की समीक्षा के साथ ही आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। यह अभियान भी अधिकारियों की प्राथमिकता सूची में हैं जिसका गहन निरीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ परियोजना एवं सेक्टर स्तर पर भी अनुविभागीय अधिकारी तथा संबंधित क्षेत्र के परियोजना अधिकारी योजना के सफल क्रियान्वयन का मूल्यांकन कर रहे हैं। अभियान की सफलता के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से लोगों को सुपोषण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। योजना के सफल क्रियान्वयन की महत्वपूर्ण भूमिका आंगनबाडी केन्द्रों की है। कार्यकर्ता द्वारा गांव का सतत भ्रमण कर कुपेाषित बच्चों के अभिभावकों को घर पर भी पौष्टिक आहार लेने हेतु प्रेरित कर रहे हैं।

Related Posts

Leave a Comment