ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा सिंडिकेट से जुड़ा फरार आरोपी आकाश पंसारी सक्ती से गिरफ्तार, ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत रायगढ़ पुलिस की लगातार कार्रवाई

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रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर एडिशनल एसपी अनिल सोनी एवं नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा द्वारा जिले में सक्रिय ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क के विरुद्ध लगातार बड़ी कार्रवाई की जा रही है। ऑपरेशन क्लीन हंटष् के तहत अब तक कई बड़े सट्टा खाईवालों को गिरफ्तार किया जा चुका है, वहीं पुलिस कार्रवाई के दबाव में कई आरोपियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण भी किया है। इसी क्रम में थाना साइबर रायगढ़ की टीम ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के फरार आरोपी आकाश पंसारी पिता कैलाशचंद पंसारी उम्र 32 वर्ष निवासी ऑफिसर कॉलोनी, सक्ती को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है।
विदित हो कि सीएसपी मयंक मिश्रा द्वारा थाना कोतवाली के अपराध ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा से जुड़े अन्य प्रकरणों में गिरफ्तार करण चौधरी गैंग के पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। जांच के दौरान करण चौधरी के साथ मिलकर अवैध सट्टा कारोबार में संलिप्त कई व्यक्तियों के नाम सामने आए, जिनमें सक्ती निवासी आकाश पंसारी का नाम भी प्रमुख रूप से शामिल था। पुलिस को आरोपी की संलिप्तता के तकनीकी एवं वित्तीय साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी फरार हो गया था।
ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत सक्ती से गिरफ्तार हुआ फरार आरोपी
फरार आरोपी की पतासाजी के लिए साइबर थाना की टीम लगातार प्रयासरत थी। मुखबिर सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर थाना साइबर रायगढ़ की टीम ने सक्ती में दबिश देकर आरोपी आकाश पंसारी को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी के करण चौधरी सिंडिकेट के साथ ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के अवैध कारोबार में सक्रिय रूप से जुड़े होने के प्रमाण मिले हैं। आरोपी क्रिकेट सट्टा खिलाने के साथ-साथ सट्टे की रकम को हवाला के माध्यम से विभिन्न स्थानों तक पहुंचाने में भी सहयोग करता था।
26 अप्रैल की कार्रवाई में छह आरोपी गिरफ्तार, लाखों की संपत्ति जब्त’
उल्लेखनीय है कि 26 अप्रैल को साइबर सेल, थाना कोतवाली एवं थाना घरघोड़ा की संयुक्त टीम ने रायगढ़ शहर एवं घरघोड़ा क्षेत्र में ऑनलाइन आईपीएल सट्टा नेटवर्क पर एक साथ दबिश देकर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों में सोनू देवांगन, हर्षित देवांगन, भरत गोयल, गौतम भोजवानी, लक्ष्मीनारायण सिदार तथा सागर गुप्ता शामिल थे। कार्रवाई के दौरान सात मोबाइल फोन, लगभग ढाई लाख रुपये मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा 15,490 रुपये नगद जब्त किए गए थे।
उक्त प्रकरण में थाना कोतवाली में धारा 4 एवं 7 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी ।
पूछताछ में सामने आया रायगढ़ से दिल्ली तक फैला सट्टा नेटवर्क’
प्रारंभिक कार्रवाई में मोबाइल फोन, डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड एवं नगदी बरामद होने के बाद गिरफ्तार आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने रायगढ़ के खाईवाल करण चौधरी एवं जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार के इशारे पर पूरे नेटवर्क के संचालन की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने टेक्निकल इनपुट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, चौट रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रेल एवं फाइनेंशियल एनालिसिस के माध्यम से पूरे सिंडिकेट की परत-दर-परत जांच प्रारंभ की।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि करण चौधरी अपने साथियों के साथ लंबे समय से रायगढ़, सक्ती, रायपुर, बिलासपुर से लेकर दिल्ली तक फैले नेटवर्क के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा था। सट्टे से प्राप्त बड़ी रकम को सीधे अपने पास न रखकर परिचित कारोबारियों, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर एवं अन्य व्यावसायिक चौनलों के माध्यम से कैश डंप किया जाता था, जिसे बाद में हवाला चौनलों के जरिए आगे स्थानांतरित किया जाता था।
हवाला नेटवर्क के जरिए ब्लैक मनी को व्हाइट करने की जांच जारी’
विवेचना के दौरान यह भी सामने आया कि कृष्णा प्राइड टॉवर में रहने वाले पुष्कर अग्रवाल एवं उसके पिता सुनील अग्रवाल इस पूरे मनी मूवमेंट नेटवर्क के अहम हिस्से थे तथा सट्टे से प्राप्त ब्लैक मनी को हवाला के माध्यम से व्हाइट करने का कार्य कर रहे थे। आरोपी आकाश पंसारी भी करण चौधरी के साथ सट्टा के अवैध कारोबार में जुड़ा हुआ था और हवाला के जरिए सट्टे की रकम को विभिन्न स्थानों तक पहुंचाने में सहयोग करता था।
आरोपी से दो मोबाइल फोन जब्त, रिमांड पर भेजा गया’
पुलिस ने आरोपी आकाश पंसारी के कब्जे से अपराध में प्रयुक्त एक आईफोन कीमती लगभग 60 हजार रुपये एवं एक वीवो मोबाइल फोन कीमती लगभग 5 हजार रुपये जब्त किया है। आरोपी के विरुद्ध थाना कोतवाली के वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
कृष्णा प्राइड टॉवर से करोड़ों के नेटवर्क का खुलासा’
ज्ञात हो कि रायगढ़ पुलिस ने करण चौधरी से प्राप्त सूचना के आधार पर कृष्णा प्राइड टॉवर स्थित फ्लैट में छापेमार कार्रवाई की थी, जहां से सुनील अग्रवाल के कब्जे से 50 लाख रुपये नगद, नोट गिनने की मशीन एवं मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। वहीं पुष्कर अग्रवाल के कब्जे से 52 लाख 60 हजार रुपये नगद तथा दो मोबाइल फोन जब्त किए गए थे। इससे पूर्व करण चौधरी के कब्जे से भी नगदी एवं मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं।
इलेक्ट्रॉनिक डाटा, चौट रिकॉर्ड, यूपीआई लेनदेन एवं वित्तीय दस्तावेजों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि यह केवल सट्टेबाजी का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित आर्थिक अपराध सिंडिकेट के रूप में संचालित नेटवर्क था। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी अपने निजी बैंक खातों एवं डिजिटल अकाउंट का उपयोग करने के बजाय कर्मचारियों, परिचितों एवं सहयोगियों के खातों तथा मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर जांच एजेंसियों से बचने का प्रयास कर रहे थे।

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Author: kakajee

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