अपर सत्र न्यायालय ने हत्या के आरोपियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा एवं अर्थ दण्ड से दण्डित करने का दण्डादेश

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अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमान अभिषेक शर्मा ने आरोपी पिता पुत्र शिव चरण पटेल , खुशी राम पटेल एवं मुकेश पटेल को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास तथा हत्या का प्रयास के आरोप में 10=10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
मामला थाना तमनार के अनुसार इस प्रकार है कि घटना दिनांक 2/12/2020 को सुबह 10 बजे ग्राम दनौट निवासी मुरलीधर चौधरी एवं लक्ष्मी धर चौधरी उनकी मां को उसके मायके से प्राप्त बंटवारे की भूमि जिस पर न्यायालय से डिक्री प्राप्त हुआ था का एरिया देखने पटवारी के साथ ग्राम रायपारा पहुंचे थे, तथा ग्राम कोटवार, गोविन्द पटेल तथा कुछ अन्य व्यक्ति को अपने साथ ले जाकर खेत का नाप कर रहे थे।
उसी समय आरोपी गण शिव चरण पटेल खुशी राम पटेल एवं मुकेश पटेल लाठी डंडे लेकर खेत में आ धमके और हमारे खेत का नाम करवाने वाले तुम कौन होते हो कहते हुए मां बहन की गंदी गंदी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए आहत गोविन्द पटेल, मुरलीधर चौधरी एवं लक्ष्मी धर चौधरी को लाठी डंडे से मार मार कर बेहोश कर दिए।
आहत गण को ईलाज के लिए समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तमनार लाया गया जहां से उन्हें जिला अस्पताल रायगढ़ रिफर कर दिया गया, किन्तु रायगढ़ ले जाते समय गोविन्द पटेल की मृत्यु हो गई तथा दोनों घायल भाइयों का इलाज रायगढ़ में कराया गया।
घटना की रिपोर्ट करन पटेल ने थाना में दर्ज कराया था जिसके आधार पर तत्कालीन विवेचना अधिकारी द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया तथा प्रकरण के सभी पहलुओं पर फोकस कर सभी साक्ष्यों का संकलन कर आरोपी गण के विरुद्ध न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया था।
माननीय न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए सभी महत्वपूर्ण साक्षियों के बयान दर्ज कराए तथा उभय पक्ष के बहस सुनने के पश्चात आरोपीगण को मृतक गोविन्द पटेल की हत्या करने तथा आहत गण मुरलीधर चौधरी एवं लक्ष्मी धर चौधरी की हत्या का प्रयास करने का दोषी पाया गया, तथा उक्त अपराधों के लिए दंडित करते हुए हत्या के मामले में आजीवन कारावास एवं हत्या का प्रयास करने के मामले में दस- दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई तथा,उपहति कारित करने के लिए एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई तथा सभी धाराओं में 1000,1000रू के अर्थ दण्ड से दण्डित करने का दण्डादेश सुनाया।
माननीय न्यायालय ने मृतक के आश्रितों को 100000 रू क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाए जाने हेतु विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ से अनुशंसा की है। राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा।

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Author: kakajee

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