खरसिया में HPCL के नाम पर नकली हाइड्रोलिक ऑयल बेचने का आरोप, दुकानदार के खिलाफ अपराध दर्ज

by Kakajee News

 

रायगढ़. खरसिया शहर में नामी कंपनी HPCL (हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड) के ब्रांड का कथित तौर पर डुप्लीकेट उत्पाद बेचने का मामला सामने आया है। कंपनी की ओर से अधिकृत जांच एजेंसी के वरिष्ठ जांच अधिकारी की शिकायत पर खरसिया पुलिस ने कमल ऑटो सेंटर के संचालक मोहन कुमार अग्रवाल (गर्ग) के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, कोलकाता निवासी शुभाशीष डे (42) E.I.P.R. (India) Pvt. Ltd. में वरिष्ठ जांच पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उनकी कंपनी को HPCL की ओर से बाजार में बिक रहे नकली उत्पादों की जांच और पहचान के लिए अधिकृत किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, 13 अगस्त 2026 की शाम करीब 6 बजे वे खरसिया क्षेत्र में मार्केट सर्वे कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि मंगल बाजार रोड स्थित कमल ऑटो सेंटर में HPCL के नाम से कथित रूप से नकली उत्पाद बेचा जा रहा है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दुकान से HPCL के ENKLO-68 नाम से 26 लीटर के हाइड्रोलिक ऑयल के सीलबंद एवं भरे हुए डिब्बे बेचे जा रहे थे। जांच अधिकारी ने इसे कंपनी के मूल उत्पाद की नकल बताते हुए दावा किया कि इससे न केवल कंपनी को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि उसके ब्रांड की छवि भी प्रभावित हो रही है।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए आवेदन में यह भी बताया कि HPCL का ब्रांड कॉपीराइट/ट्रेडमार्क के तहत पंजीकृत है और बिना अनुमति कंपनी के नाम व लोगो का इस्तेमाल कर कथित डुप्लीकेट उत्पाद का विक्रय किया जा रहा था। मामले में शिकायत के साथ अधिकृत पत्र, कंपनी का लोगो और मुख्तियारनामा सहित अन्य दस्तावेज पुलिस के समक्ष प्रस्तुत किए गए।

पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाए जाने पर आरोपी मोहन कुमार अग्रवाल (गर्ग) के विरुद्ध धारा 318(4), 347 एवं 349 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।

अब पुलिस मामले में दुकान से संबंधित उत्पाद, उसके स्रोत, खरीद-बिक्री के दस्तावेज, पैकेजिंग एवं कंपनी के वास्तविक उत्पाद से मिलान सहित अन्य पहलुओं की जांच करेगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद/बिक्री किए जा रहे उत्पाद वास्तव में नकली थे या नहीं तथा कथित तौर पर कंपनी के ब्रांड का किस स्तर पर दुरुपयोग किया गया।

Related Posts

Leave a Comment