सारंगढ़। लगभग दस वर्ष पूर्व जब सारंगढ ब्लॉक के हरदी भाटा के पास लखन गौंटिया द्वारा हाईस्कूल का निर्माण करवाया गया था तो तत्कालीन कलेक्टर द्वारा इसी के पास एक बस्ती भी बसायी गयी थी जिसमें 60-70 परिवार रहते हैं। पर बडे ही दुर्भाग्य की बात है कि आज भी उक्त हरदी भाटा के 60-70 परिवारों में से कई घरों में कई दिनों तक चूल्हा नहीं जल पाता तथा उनकी कई मूलभूत आवश्यकताओं की ही पूर्ति नहीं होने के कारण यहाँ के कई नागरिकों को मजबूरन भीख मांगना पडता है पर अभी लॉक डाऊन की अवधि के दौरान उन्हें भीख मांगने के लिए जाने में भी परेशानी हो रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हरदी भाटा स्कुल के पास बसे हुए उक्त परिवारों में से कई के पास राशनकार्ड है तथा कई परिवारों के पास नहीं तथा जिनके पास राशनकार्ड है उन्हें अभी दो माह का चावल तो मुफ्त में जरूर मिल गया है पर कई ऐसे परिवार जिनके पास राशनकार्ड नहीं है उन्हें तो चावल भी नहीं मिल पा रहा है तथा जिन्हें चावल मिल भी गया है उनका भी यह कहना है कि केवल चावल से क्या होगा उसे पकाने के लिए लकडी व खाने पीने की अन्य वस्तुओं की व्यवस्था कैसे होती है उसे वे ही जानते हैं तथा इस कोरोनाकाल में और भी अधिक परेशानी के कारण उन्हें कई दिनों तक फाके भी करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर मूलभूत अन्य सुविधाओं के बारे में पूछने पर विस्तार से बताते हुए पंण्डित विवेकानंद शर्मा एवं हरदी भाटा के नागरिकों ने बताया की पास में एक नल (हैण्डपम्प) था जो की वर्तमान में बिगड गया है जिससे उन्हें पीने के लिए पानी की भी समस्या हो रही है। इनमें से कुछ नागरिकों डिल्लू सुनील मुरली गफ्फार इत्यादि सहित अन्य कई अन्य ने बताया की अगर आज भीख मांग कर या अन्य किसी भी प्रकार से उन्होंने खाना बनाकर खा भी लिया तो भी उनके पास कल के लिए कुछ नहीं होने के कारण दुसरे दिन सुबह होते ही उन्हें फिर से यह चिंता सताने लगती है कि आज के खाने पीने की व्यवस्था कैसे होगी।वर्तमान कोरोनाकाल के समय में हमारी ही सुरक्षा के लिए पूरे भारतवर्ष सहित हमारे प्रदेश तथा हमारे जिले में कलेक्टर द्वारा आगामी 16 मई तक लॉक डाऊन लगाया गया है इसके बाद भी केस में कोई खास कमी देखने में नहीं आयी जिसका कारण हम सभी में से किसी ना किसी की लापरवाही ही प्रमुख कारण है क्योंकि कई नागरिकों के खुले आम बिना मास्क लगाए घूमने तथा एक दुसरे से बिना दूरी बनाए सम्पर्क में आने जिसका उदाहरण हमने रोड सेफ्टी सीरीज के मैच के दौरान हमने देखा है। कहने का तात्पर्य यह है कि हमारे ही लापरवाहियों के कारण शासन प्रशासन को मजबूरन लॉक डाऊन लगाना पडता है जिसका खामियाजा हरदी भाटा के उक्त परिवारों को लॉक डाऊन की अवधि में फाके करके भुगतना पड़ रहा है।
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