Kakajee reporter
सूरजपुरसूरजपुर कलेक्टर ने एक बालक को (जो दवा निक लेने के लिए घर से निकला था) उसे शारीरिक तौर पर सिपाहियों से बिटवा कर यह बता दिया कि वह अंग्रेजों के जमाने के जेलर भले ही ना हों परआज के दौर के अनोखे अमानवीय कलेक्टर हैं। बीच सड़क पर अपनी अफसरशाही आप भोंडा प्रदर्शन करने वाले इस अफसर की कार्रवाई पर जमकर बवाल मचा हुआ है। एक तरफ जहां पर एक ही जनता मौजूदा महामारी से परेशान हैं। बेकारी और भुखमरी झेल रही है। लोग किसी तरह अपना जीवन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे हालत में दवा लाने जा रहे हैं बालक को जिस तरह कलेक्टर स्वयं खड़े होकर ना केवल पीट रहे हैं वरन पिटवा दे रहे हैं और उल्टे उसी बालक के खिलाफ f.i.r. जी करवा रहे हैं इसे कतई उचित नहीं कहा जा सकता। हालांकि वह बालक बार-बार पर्ची दिखा कर कह रहा है कि वह दवा लेने निकला है।
अब आप जरा बताइए कि इस मामले में किसके खिलाफ एफ आई आर दर्ज होनी चाहिए..? अपना जवाब ट्विटर पर जाकर भी दर्ज कर सकते हैं।
