कोरोना के बीच अस्पतालों में बढ़े स्वाइन फ्लू-डेंगू के मरीज, जानें क्या हैं इन बीमारियों के लक्षण

by Kakajee News

राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामले भले ही कम हो रहे हों, लेकिन अस्पतालों में सामान्य फ्लू के अलावा स्वाइन फ्लू और डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं। बीते एक हफ्ते से अस्पताल में स्वाइन फ्लू और डेंगू के मरीजों में बढ़ोतरी हुई है। फ्लू के 15 मामलों में से 4-5 स्वाइन फ्लू के मरीज निकल रहे हैं, जबकि डेंगू के 5-6 मरीज अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे हैं। इसमें एक को गंभीर हालत में भर्ती करना पड़ा।

शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल के फेफड़ा रोग विभाग के निदेशक और प्रमुख विकास मौर्य ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार मरीज ज्यादा हैं। मरीज तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, खांसी, जुखाम, श्वसन संबंधी दिक्कत सहित कई दूसरे लक्षण लेकर पहुंच रहे हैं। मौर्य ने बताया कि स्वाइन फ्लू के मरीजों को टेमीफ्लू की दवा दी जा रही है।

श्वसन संबंधी गंभीर लक्षण होने पर मरीज को भर्ती कर रहे हैं। कुछ मरीजों में इंफ्लूएंजा बी की पुष्टि भी हुई है। इसके अलावा एक मामला एडिनो वायरस का भी सामने आया है। यह सर्दी-जुकाम के लिए जिम्मेदार है। अस्पताल में ऐसे मरीजों की कोविड जांच रिपोर्ट अबतक निगेटिव आई है।

डेंगू के छह मरीज
द्वारका स्थित आकाश हेल्थकेयर सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल के मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर विक्रमजीत सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में पांच-छह डेंगू के मामले सामने आए। इसमें तीन मरीजों को उपचार के लिए भर्ती करना पड़ा। इसमें एक युवक काफी गंभीर था। प्लेटलेट्स काफी कम थी। तीन मामले स्वाइन फ्लू के भी सामने आए हैं।

स्वाइन फ्लू के 12 मरीज
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर सुरनजीत चटर्जी का कहना था कि बीते कुछ दिनों में चार स्वाइन फ्लू और तीन डेंगू के मरीज सामने आए हैं। एक-दो मरीज मलेरिया के भी देखने को मिले है। अब तक 12 मामले स्वाइन फ्लू के भी दर्ज हुए हैं।

डॉक्टर सुरनजीत चटर्जी ने बताया कि बरसात का मौसम होने के चलते मच्छरजनित बीमारियों के बढ़ने की आशंका अधिक रहती है। डेंगू और मलेरिया ज्यादा फैलता है। ऐसे में लोग साफ-सफाई के अलावा सामाजिक दूरी का खास ख्याल रखें। बुखार होने की स्थिति में डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

इन्हें अधिक खतरा
डॉक्टरों का कहना है कि मधुमेह, लिवर, किडनी, अस्थमा जैसी दूसरी बीमारियों से ग्रसित मरीजों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसे मरीजों में बीमारी के गंभीर होने की संभावना ज्यादा रहती है। इसके अलावा बीमारियों के लक्षण काफी हद तक एक-दूसरे के सामान होने की वजह से हल्के बुखार को लेकर भी सावधानी बरतें।

डेंगू के लक्षण
तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द, प्लेटलेट्स का कम होना, बीपी कम होना, त्वचा पर लाल चकत्ते होना, जी मिचलाना, उल्टी लगना

स्वाइन फ्लू के लक्षण
मांसपेशी में दर्द, सूखी खांसी, गले में खराश, सांस फूलना, सिरदर्द, ठंड लगना, थकान, बुखार

मलेरिया के लक्षण
ठंड लगना, तेज बुखार, पसीना आना, शरीर में दर्द, उल्टी, थकान, दस्त, सिरदर्द, पेट और मांसपेशी में दर्द

कोरोना के लक्षण
बुखार, खांसी, गले में दर्द, ऑक्सीजन की कमी, सांस लेने में दिक्कत या सांस फूलना, सीने में दर्द या दबाव, गले में खराश

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