रायपुर। फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक अंतर्राज्यीय ठग गिरोह को साइबर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला सदस्य, नाबालिग सहित छह लोग शामिल हैं। इस पूरे मामले की पड़ताल स्पेशल डीजीपी तकनीकी आरके विज के निर्देश पर राज्य साइबर सेल की टीम ने की। साथ ही वेबसाइट की लिंक और उसमें दिए गए नंबरों के आधार पर साइबर सेल की टीम ने बिहार जाकर वहां अपनी पहचान छुपाकर ठगों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की।
दरअसल मुंगेली जिले के फास्टरपुर थाने में 23 नवंबर को अशोक कुमार यादव ने अज्ञात ठगों के खिलाफ बैंक ग्राहक सेवा केंद्र (कियोस्क) के नाम पर भारत सरकार के फर्जी वेबसाइट बनाकर उसके साथ 1 लाख 16 हजार रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता के देखते हुए डीजी ने पड़ताल की जिम्मा राज्य साइबर पुलिस को सौंपा था। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर ठगों को गिरफ्तार किया। राज्य साइबर सेल से मिली जानकारी के मुताबिक बिहार के नवादा निवासी अंजली कुमारी, गुलशन कुमार तांती, सुरेंद्र कुमार ऊर्फ आयूष तथा नालंदा निवासी संजीत कुमार को ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया है। मामले की पड़ताल करने साइबर डीएसपी अभिषेक केसरी के नेतृत्व में नौ सदस्यीय साइबर पुलिस की टीम गठित कर मामले की पड़ताल की। लिंक और बेवसाइट के ट्रेस करने पर ठगों के बिहार में होने की लोकेशन मिली। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगों के ठिकाने की तलाश की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
290
previous post
