बिहार के मुजफ्फरपुर में मोटरसाइकिल सवार अपराधियों ने 12 साल की एक बच्ची का अपहरण कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि बच्ची की सुरक्षित रिहाई के लिए अपहरणकर्ताओं ने पांच लाख रुपए मांगे है। मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयंत कांत ने कहा, ’12 साल की बच्ची जब अपने चचेरे भाई के साथ बाहर खेल रही थी तो मोटरसाइकिल सवार बदमाश आए और उसका अपहरण कर लिया। हमें इसमें कुछ ज्ञात व्यक्तियों के शामिल होने का शक है।’
अधिकारी ने कहा कि उन्हें बच्ची की लोकेशन के बारे में कोई जानकारी नहीं है। अपहरणकर्ताओं के बारे में सुराग हासिल करने के लिए तिवारी के दोस्तों और उनके आवास के आसपास के संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने परिवार से भी पूछताछ की है कि उन्हें किसपर शक है।
कांत ने कहा, हमने कई पुलिस टीमों को भेजा है और नाबालिग का पता लगाने के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। घटना बुधवार शाम करीब सात बजे की है जब नाबालिग अपने चचेरे भाई के साथ घर के बाहर खेल रही थी।
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने मोटरसाइकिल सवार हथियारबंद अपराधियों को मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-28 की ओर से आते देखा था। अपराधी आए और बच्ची को अपने दोपहिया वाहन पर ले गए। पुलिस ने कहा कि अपहरणकर्ताओं ने परिजनों के लिए चचेरे भाई के हाथ एक पर्ची सौंपी और उसे लड़की के पिता ‘तिवारी जी’ को देने के लिए कहा।
पुलिस ने बताया कि पत्र अंग्रेजी में लिखा गया था। अपहरणकर्ताओं ने बच्ची की सुरक्षित रिहाई के लिए पांच लाख रुपये देने की मांग की और मांग पूरी नहीं होने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। सदर पुलिस उपाधीक्षक राम नरेश पासवान ने हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया कि घटना टाउन थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव की है।
नाबालिग बच्ची के पिता चंदन तिवारी ठेकेदार हैं। तिवारी ने नगर थाना में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 364ए (फिरौती के लिए अपहरण), 369, 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत अपहरण का मामला दर्ज किया कर लिया है।
