रकबा संशोधन के बाद 3380 एकड़ खेत के नाम जोड़े गए, 20 दिन बाद भी सॉफ्टवेयर नही हुआ अपडेट किसान परेशान

by Kakajee News

रायगढ़. छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश के बाद किसानों के खेत का रकबा संशोधन के बाद 3400 किसानों के लगभग 3380 एकड़ खेत धान खरीदी के लिए जोड़े गए हैं। लेकिन इस संशोधन होने के 20 दिन बाद भी सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होने की वजह से किसान बढ़े हुए रकबे के अनुसार खरीदी नहीं कर पा रहे हैं। रकबे में संशोधन तो हो गया है, तहसील माड्यूल में सुधार भी कर दिया गया है, लेकिन सोसायटियों का सॉफ्टवेयर रायपुर में अपडेट होना है। रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने के कारण बाद में जुड़े किसान या रकबे के धान की खरीदी नहीं हो पा रही है। धान की खरीदी नही होनें के चलते वो किसान बार-बार सोसायटी का चक्कर लगा रहे हैं जिनके रकबे में सुधार हुआ था और अब उनका धान सोसायटी में पहुंचने के बाद भी नही खरीदी जा रहा है। इधर तहसीलों के माध्यम से भू-अभिलेख शाखा से सरकार के पास जानकारी भेजी जा चुकी है। सबसे अधिक 1367 किसानों की 1325 एकड़ खेत सारंगढ़ में जोड़ा गया है। जिले में सोसायटियों में धान उठाव नहीं होने और बारदाने की कमी बनी हुई है। सोसायटियों में दो से तीन दिनों का ही बारदाना उपलब्ध है, यदि आगे बारदाना नहीं मिलती है तो खरीदी भी प्रभावित होगी। पुसौर, सारंगढ़, घरघोड़ा की कई सोसायटियों के प्रबंधकों का कहना है कि बारदाने नहीं होने की वजह से एक-दो दिनों में खरीदी प्रभावित हो सकती है। मंगलवार को प्रशासनिक अफसरों के साथ कलेक्टोरेट में एक बैठक भी हुई है। लेकिन इसका क्या नतीजा निकला इसकी जानकारी नही मिल पाई है पर इतना तय है कि छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा धान खरीदी में शुरू से ही बारदानों की कमी हो रही थी और अब कई सोसायटियों में बारदाने खत्म हो चुके हैं तो वहां किसानों का धान खरीदना भी लगभग बंद हो रहा है।

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