बालको की फ्लाई ऐश को लेकर हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, लंबे समय से कोरबा को फ्लाई ऐश के प्रदूषण में जकड़ रखा था बालको ने कोरबा कलेक्टर, सहित कई अधिकारियों को हाई कोर्ट की नोटिस.. हाईकोर्ट की लताड के बाद प्रशासन ने बालको प्रबंधन को भेजा नोटिस…

by Kakajee News

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में बालको प्रबंधन द्वारा अपने उद्योग से निकलने वाली फ्लाई ऐश से लगातार फैलाये जा रहे प्रदूषण को लेकर अब हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए कोरबा कलेक्टर सहित पर्यावरण विभाग को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। हाईकोर्ट से नोटिस मिलने के बाद कोरबा प्रशासन ने बालको को नोटिस देकर अपनी खाल बचाने की कोशिश की है लेकिन लंबे समय से बालको प्रबंधन ने कोरबा जिले के कई जगहों पर बिना अनुमति फ्लाई ऐश की न केवल डंपिंग की है बल्कि उसे रख रखाव के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई है। हाईकोर्ट के संज्ञान में यह मामला एक स्थानीय नागरिक की जन याचिका के बाद आया है और उस याचिका के बाद अब हाईकोर्ट ने इस मामले को न केवल गंभीरता से लिया है बल्कि जिला प्रशासन को भी जमकर फटकार लगाई है।

बालको क्षेत्र के झगरहा ग्राम के मृगेश यादव ने अधिवक्ता नुपूर त्रिवेदी के जरिये दाखिल याचिका में बताया है कि क्षेत्र में पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है। फ्लाई ऐश से भरे वाहनों की आवाजाही से लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। यहां के पावर प्लांट से निकलने वाला राखड़ सड़कों पर डंप कर दिया जाता है, जिससे प्रदूषण फैलने के साथ दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। इसके अलावा ग्राम में फ्लाई एश भरे मालवाहकों को तौलने के लिए धर्मकांटा लगा देने के कारण समस्या और बढ़ गई है।

बालको की फ्लाई ऐश को लेकर पहले नरमी अब नोटिस
कोरबा जिले में लगे बालको प्रबंधन द्वारा संचालित उनके बिजली कारखाने से निकली गर्म राख ट्रकों से कहीं भी फेंकें जाने की शिकायत लगभग 2 साल से की जा रही है, मगर बालको प्रबंधन को इस मसले को लेकर चेतावनी भरा नोटिस अब भेजा गया है। एक दिन पहले ही जब राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों को आड़े हाथ लिया तब जाकर जिले के पर्यावरण संरक्षण अधिकारी शैलेष पिस्दा ने बालको प्लांट के डिप्टी ब्व्व् देवेंद्र पटेल को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में यह उल्लेख है कि प्रबंधन द्वारा भिलाई खुर्द के लो लाइन एरिया में जिस तरह राख फेंकी गई है, वो भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाईन का उल्लंघन है। नोटिस का जवाब 3 दिनों के भीतर देने की बात कहते हुए प्रबंधन को प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। हाईकोर्ट द्वारा नोटिस जारी होनें के बाद बालको प्रबंधन इस मामले को दबाने में लग गया हैं चूंकि लंबे समय से उसकी मनमानी से पूरे कोरबा जिला में प्रदूषण का दंश वहां की जनता झेल रही है।


प्रदूषण को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर हुआ शुरू
फ्लाई ऐश जैसे गंभीर मुद्दे को लेकर अचानक अब भाजपा सोते से जागते हुए बयानबाजी करते हुए कांगे्रस पर आरोप लगा रही है। जिले के भाजपा के जिलाध्यक्ष डॉ राजीव सिंह ने आरोप लगाया है कि प्रस्तावित टीपी नगर के आसपास मंत्री के मित्रों और रिश्तेदारों की जमीन है, इसलिए वे बरबसपुर में ही टीपी नगर बनाने में रूचि दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में राखड़ डंपिंग की जा रही है, उस क्षेत्र में संबंधित विभाग के द्वारा 74 एकड़ के आसपास जमीन राखड़ डंपिंग हेतु ही आबंटित की गई है और इसी जमीन में से 42 एकड़ जमीन पर नया ट्रांसपोर्ट नगर प्रस्तावित है, जबकि असलियत यह है कि मंत्री जयसिंह अग्रवाल के करीबी पार्षद एवं कांग्रेस के नेताओं के द्वारा ही राखड़ डंपिंग का ठेका लिया गया है और उस क्षेत्र में राखड़ डंपिंग करवाई जा रही है।


भाजपा के आरोप के बाद कोरबा महापौर और मंत्री के खासम-खास राज किशोर प्रसाद ने प्रेस वार्ता लेकर आरोप लगा दिया कि भाजपा के जिलाध्यक्ष कोरबा जिला प्रशासन के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। वहीं फ्लाई ऐश के मुद्दे पर महापौर ने कहा कि यह समस्या पिछले कई सालों से है और हमने कई बार प्लांटों को नोटिस भेजकर कार्रवाई की है। यहां यह बताना लाजमी होगा कि बालको प्रबंधन की मनमानी पर न तो भाजपा ने कभी आवाज उठाई थी और न ही निगम प्रशासन ने इस मामले को कभी गंभीरता से लिया था बस कागजों में बयानबाजी व कार्रवाई के चेतावनी जारी होते रही लेकिन फ्लाई ऐश का मनमाना परिवहन व डंपिंग जारी रहा। स्थिति यह रही कि कई गांव में बालको के फ्लाई ऐश जनता के लिये जहर बन गई है।
बहरहाल अब देखना यह है हाईकोर्ट द्वारा जनहित याचिका की सुनवाई के बाद कोरबा प्रशासन को नोटिस काटे जाने के बाद बालको प्रबंधन पर कब गाज गिरती है।

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