Aadhaar Card कहां जरूरी और कहां नहीं, सुप्रीम कोर्ट आज करेगा अपने फैसले की समीक्षा

by Kakajee News

Aadhaar Card कहां जरूर और कहां नहीं, इस संबंध में दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट एक बार फिर सुनवाई करेगा। जस्टिस एएम खानविल्कर, डीवाइ चंद्रचूड़, अशोक भूषण,एसए नजीर और बीआर गवई वाली पांच जजों की पीठ यह सुनवाई करेगी। इससे पहले 26 सितंबर, 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने जरूरी सेवाओं में Aadhaar की अनिवार्यता पर अहम फैसला दिया था। उसी फैसले की समीक्षा के लिए याचिकाएं दायर हुई हैं, जिन पर सोमवार को सुनवाई होगी। तब तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने Aadhaar को आयकर रिटर्न फाइल (IT Return) करने और PAN से लिंक करने के लिए अनिवार्य करार दिया था। हालांकि तब Aadhaar को बैंक खाते और मोबाइल सेवाओं से लिंक करने को गैर जरूरी करार दिया था। तब सुप्रीम कोर्ट ने Aadhaar एक्ट के जनकल्याण योजनाओं और सरकारी सब्सिडी से जोड़ने के कुछ प्रावधानों को भी खारिज कर दिया था। यानी तब सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि Aadhaar संवैधानिक रूप से वैध है, लेकिन बैंक खाते, मोबाइल फोन और स्कूल एडमिशन से लिंकिंग अनिवार्य नहीं की जा सकती है।
करीब दो साल पहले हुई उस सुनवाई में जस्टिस डीवाइ चंद्रचूड़ ने Aadhaar कानून का विरोध करते हुए अपने फैसले में कहा था कि Aadhaar अधिनियम को बतौर मनी बिल पारित नहीं किया जाना चाहिए था। चूंकि यह संविधान के साथ धांधली है और इसे वापस किया जाना चाहिए। वहीं सीजेआई समेत बाकी 4 अन्य जजों ने बहुमत के फैसले में लोकसभा में पारित Aadhaar बिल को बतौर मनी बिल स्वीकृत किया था।

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