रायगढ़। नगर पंचायत लैलूंगा के विभिन्न वार्ड में लगे ट्यूबलर लाइट घोटाला परते खुलने लगी है जिसमे लाखो की राशि से गोपनीय टेंडर और सेटिंग कर चहेती फर्म को न केवल कार्य आदेश दिया बल्कि मद परिवर्तन कर भुगतान किया गया। मामला उजागर होने व विगत दिवस कलेक्टर के किसान सम्मेलन में लैलूंगा दौरे के मद्देनजर खम्बे को नगर पंचायत में रातों रात लाकर रख दिया गया।
भौतिक सत्यापन में पोल की संख्या कम होने पर संख्या समायोजन करने का कारनामा सामने आया। स्टॉक में पोल रखा गया है तो रखे पोल का फाउंडेशन का भुगतान कैसे हो गया और बेशकीमती एलईडी लाइट,तार,केबल का भुगतान भी कैसे कर दिया गया।ट्यूबलर पोल लाइट घौटाला की खबर सामने आते ही संख्या समायोजन के लिए नगर पंचायत में खम्बे रख दिये गए है।अब प्रश्न उठना लाजमी है कि रखे पोल के फाउंडेशन व अन्य बिल भुगतान कैसे हो गया ?
वार्डो में उतनी संख्या में ट्यूबलर पोल लगाए ही नही गए जितने पोल के लिए निविदा की गयी और माप पुस्तिका में कार्य का मूल्यांकन किया गया।
नगर पंचायत लैलूंगा में लंबे अरसे से पदस्थ रहे विवादित प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी सी पी श्रीवास्तव के कार्यकाल में हुए घोटाले का सच सामने आने लगा है। गोपनीय टेंडर में महारथ हासिल भ्रष्ट प्रभारी सीएमओ ने घोटाले की ऐसी साजिश रच शासकीय राशि का व्यापक घोटाला किया। निविदा प्रकाशन स्थानीय स्तर पर न कर अन्य संभाग में किया, साथ ही सेटिंग से ऊंची दर पर निविदा स्वीकृत की। नगर पंचायत लाखो का पंहुचाया गया है।
अधोसंरचना मद से विभिन्न वार्डो में ट्यूबलर पोल फिटिंग कार्य के लिए अनुमानित लागत 64.71 लाख की निविदा जारी हुई। जिसमें तीन फर्म ओम इंटरप्राइजेज बलौदा, शिवम इंटरप्राइजेज जांजगीर और रिलाएबल ट्रेडिंग कंपनी बिलासपुर ने निविदा डाली। सभी 7 कार्यो के लिए एक समान दर क्रमशः 10ः, 5ः एवं 9ः अधिक तीनो फर्म ने भरी। रिलाएबल ट्रेडिंग कंपनी बिलासपुर को 5ः अधिक दर पर सातों कार्यो के कार्य स्वीकृत कर कार्य आदेश क्रमांक 73ध्04.05.22 दिया गया। कुल 97 ट्यूबलर पोल के लिए भुगतान पंद्रहवें वित्त आयोग मद से किया गया है।
नगर में लगे ट्यूबलर पोल का भौतिक सत्यापन वार्ड पार्षदों द्वारा किया गया तो गबन और भ्रष्टाचार के अचरज करने वाले किस्से सामने आए। वार्ड क्रमांक 3 व 4 को छोड़कर शेष सभी दो दो वार्ड में 15-15 पोल लगने थे एवम वार्ड 15 में 7 पोल लगाए जाने थे। वार्ड 13 व 14 में मात्र 5 पोल व वार्ड 15 में 7 पोल की जगह 6 पोल ही लगाए गए हैं।अचरज करने वाली बात तो यह है कि वार्ड 14 से पार्षद व नगर पंचायत अध्यक्ष मंजू मित्तल के वार्ड में एक मात्र पोल लगा है निविदा के अनुसार वार्ड 13 व 14 में 15 ट्यूबलर पोल लगने थे और माप पुस्तिका में भी 15 पोल का मूल्यांकन किया गया है।लेकिन वार्ड 13 में चार एवं वार्ड 14 में एक ही लगाया गया है।जबकि माप पुस्तिका में वार्ड 13 व 14 में 15 ट्यूबलर पोल लाइट लगाना दर्ज है। पहले ही गोपनीय निविदा से नगर पंचायत लैलूंगा को आर्थिक क्षति पहुचाई गयी। वही फर्जी मूल्यांकन व भुगतान कर शासकीय राशि का गबन किया गया है।
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