रायगढ़। रायगढ़ स्टेडियम बोईरदादर में 5 मई से 20 मई तक ग्रीष्मकालीन समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इस समर कैंप में सैकड़ो की संख्या में बच्चांे को क्रिकेट, हॉकी, बॉस्केट बॉल, फुटबॉल, हैण्ड बॉल, ताइक्वांडो, योगा, रोप स्किीपिंग ,वाटर पोलो एवं बैडमिंटन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लेकिन समर कैंप में आने वाले बच्चों को सुबह का नाश्ता देने के नाम पर खुली लूट हो रही है। जिला कलेक्टर तारन सिन्हा की पहल पर खिलाड़ी बच्चों को मुफ्त नाश्ता देने की घोषणा पर सीधे-सीधे कमीशनखोरी हो रही है और इसकी भनक प्रशासनिक अधिकारियों को नही है। जिस राशि से एक आदमी एक समय का खाना आराम से खा सकता है इतनी राशि में नन्हंे खिलाड़ियों को नाश्ता दिया जा रहा है जो कि खुली कमीशन खोरी का जीता जागता उदाहरण है।
ग्रीष्मकालीन समर कैंप में नाश्ता के नाम स्टेडियम परिसर में संचालित कैंटीन संचालक मोटी कमाई करने मंे जरा भी पीछे नही। एक-एक बच्चें को 70 रूपये प्लेट के हिसाब से नाश्ता दिया जा रहा है। जबकि इतने ही रूपये में किसी भी होटल में भरपेट खाना असानी से मिल सकता है। जिला प्रशासन इस मामले में अगर गंभीरता दिखाते हुए जांच करें तो कमीशन खोरी उजागर होनें से इंकार नही किया जा सकता।
समर कैंप में आने वाले बच्चों ने बताया कि उन्हें सुबह जो नाश्ता दिया जा रहा है उसमें एक केला, सौ एमल दूध और थोड़े से चने रहते है कभी-कभी एक अंडा या फिर कटलेट भी मिल जाता है। कई बार तो ऐसा भी होता है कि नाश्ता खत्म होनें की स्थित में अधिकांश बच्चों तक नाश्ता पहुंच ही नही पाता।
जिला कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा की पहल पर कोरोनाकाल के बाद स्कूलों की छुट्टी के होनें के कारण रायगढ़ स्टेडियम में नन्हें बच्चों की भारी भीड़ उमड़ है, और इसी का फायदा उठाने का प्रयास किया जा रहा है जिसमें स्टेडियम परिसर में संचालित होटल व्यवसायी से कमीशन सेट करते हुए 70 रूपये प्रति प्लेट के हिसाब से प्रतिदिन का नाश्ता बांटा जा रहा जबकि यह न केवल लूट है और हकीकत में नन्हें बच्चों के नाम से खुली लूट का एक जीता जागता उदाहरण है। इस पूरे मामले में अगर सूक्ष्मता से जांच की जाए तो कई बड़े चैकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं इस बात से इंकार नही किया जा सकता।
क्या कहते हैं एसडीएम
इस पूरे मामले में रायगढ़ एसडीएम गगन शर्मा से जब हमने बात की तो उनका कहना था कि ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर में शामिल होनें वाले बच्चों को पौष्टिक आहार देने के लिये कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा की तरफ से पहल की गई है और सुबह नाश्ते के रूप में दो केला, एक अण्ड सैडविच, स्क्राउट के साथ दूध एक कटलेट देने का मैन्यु है। अगर इसके वितरण में लापरवाही पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी और उन्होंने इस बात को माना कि प्रति प्लेट 70 रूपये में काफी अच्छा नाश्ता बच्चों को उपलब्ध हो सकता है।
