धरमजयगढ़ में प्रस्तावित न्यायालय भवन निर्माण को लेकर विवाद अब खुलकर सामने आ गया है और स्थिति तनावपूर्ण होती जा रही है। थाना परिसर की भूमि पर कोर्ट भवन बनाए जाने के प्रस्ताव के विरोध में आज पुलिस कॉलोनी में रहने वाली महिलाओं और वकीलों के बीच तीखा टकराव देखने को मिला। मौके पर जमकर हंगामा हुआ और दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस चलती रही।
मिली जानकारी के अनुसार, न्यायालय भवन निर्माण के लिए चिन्हित किए गए स्थल का निरीक्षण करने वकीलों का एक समूह थाना परिसर पहुंचा था। जैसे ही इस बात की जानकारी वहां निवासरत पुलिस परिवारों, खासकर महिलाओं को हुई, वे बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गईं और विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल गरमा गया और विवाद बढ़ गया।
विरोध कर रही महिलाओं का कहना है कि जिस भूमि पर कोर्ट भवन बनाने की योजना बनाई जा रही है, वह वर्षों पुरानी थाना परिसर की जमीन है। उनका दावा है कि यह स्थान उनके पूर्वजों के समय से ही थाना और पुलिस कॉलोनी के रूप में उपयोग में है और वे लंबे समय से यहां अपने परिवार के साथ रह रही हैं। महिलाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि यहां न्यायालय भवन का निर्माण किया गया तो उनके कई आवासीय क्वार्टर तोड़े जाएंगे, जिससे वे और उनके बच्चे बेघर हो जाएंगे। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा बिना उचित जानकारी और सहमति के इस तरह का निर्णय लिया जा रहा है। उनका कहना है कि धरमजयगढ़ क्षेत्र में कई अन्य शासकीय भूमि उपलब्ध हैं, जहां न्यायालय भवन का निर्माण किया जा सकता है, फिर भी जबरन थाना परिसर की जमीन को ही चुना जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है।
पुराने रिकॉर्ड का हवाला
मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 1929 से यह भूमि थाना संचालन के लिए उपयोग में है। थाना परिसर में पुलिस कार्यालय, आवासीय क्वार्टर, बैरक और अन्य सुविधाएं लंबे समय से संचालित हैं।
वर्ष 2012 में भी राजस्व अभिलेखों में इस भूमि को थाना परिसर के रूप में दर्ज किया गया है। इसी आधार पर पुलिस परिवार इस जमीन पर अपना अधिकार जता रहे हैं।🔥
प्रशासन के सामने चुनौती
एक ओर न्यायालय भवन के लिए उचित स्थान की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से निवास कर रहे पुलिस परिवारों के विस्थापन का मुद्दा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यदि इस विवाद का जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।🔥
थाना भूमि पर कोर्ट निर्माण विवाद: 2012 के दस्तावेज में थाना परिसर दर्ज
धरमजयगढ़ में न्यायालय भवन निर्माण को लेकर चल रहे विवाद के बीच वर्ष 2012 का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज सामने आया है, जिसमें संबंधित भूमि को स्पष्ट रूप से थाना परिसर की जमीन बताया गया है। तहसीलदार कार्यालय धरमजयगढ़ द्वारा जारी इस पत्र में उल्लेख है कि नगर टाउन धरमजयगढ़ स्थित जिस खसरा नंबरों की भूमि पर थाना एवं अन्य संरचनाएं स्थित हैं, उसे राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
दस्तावेज़ के अनुसार, धर्मजयगढ़ थाना परिसर की भूमि को वर्ष 1929 में राज परिवार द्वारा थाना संचालन के लिए दिया गया था। इस परिसर में वर्तमान में पुलिस अनुविभागीय कार्यालय, थाना भवन, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी बैरक और पुलिस कॉलोनी स्थित है। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 2012 में इस भूमि को औपचारिक रूप से नजूल प्लॉट संख्या 1384 से 1386/1 सहित विभिन्न क्रमांकों के तहत थाना धर्मजयगढ़ के अधीन दर्ज किया गया था।
फिलहाल इस मामले में न्यायलय तरफ से स्पस्टीकरण आना बाकी हैं वही उनके तरफ से जो दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएंगे उसके बाद ही पूरा मामला की सच्चाई सामने आएगा
