रायगढ़ विधानसभा सीट में सुनील रामदास की दावेदारी मजबूत, टिकट मिले तो जीत की राह होगी आसान, अन्य तीन सीट जीतने की राह होगी आसानी…पढ़िये पूरी खबर

by Kakajee News

रायगढ़। विधानसभा चुनाव पास आते ही तमाम नेता रायगढ़ विधानसभा सीट से टिकट पाने की होड़ में लग गए हैं। इनमें से एक नाम ऐसा है सुनील रासदास जिनकी चर्चा इन दिनों काफी होनें लगी है। लोगों का यह भी कहना है कि अगर उन्हें टिकट मिलती है तो रायगढ़ विधानसभा सीट में भाजपा की एकतरफा जीत सुनिश्चित है।

यूं तो शहर से लेकर पूरे प्रदेश में सुनील रामदास कोई परिचय के मोहताज नही है। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में उनके सराहनीय कार्यो की चर्चा उन्हें आमजनता में लोकप्रिय बनाती है। अगर हम रायगढ़ विधानसभा चुनाव की बात करें तो यहां से हमेशा ही नया और फ्रेस चेहरा ऐतिहासिक मतों से चुनाव जीतता आया है। ऐसे में अगर भाजपा रायगढ़ विधानसभा सीट से नये और फ्रेस चेहरे के अलावा आमजन में लोकप्रिय सुनील रामदास पर भरोसा जताकर उन्हें अगर मौका देती है तो निश्चित तौर में रायगढ़ विधानसभा के अलावा जिले के अन्य विधानसभा सीट में भी भाजपा की जीत सुनिश्चित होगी।

 

पिछले कुछ सालों से सुनील रामदास लगातार पार्टी में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभाते हुए हर छोटे बड़े कार्यक्रमों में भी शिरकत कर रहे हैं। इतना ही नही रायगढ़ विधानसभा के तमाम वरिष्ठ भाजपा नेताओं के अलावा युवा बिग्रेड भी बड़ी संख्या में सुनील रामदास के साथ उनका बखूबी साथ देते आ रहे हैं।

शहर के लोगों का भी मानना है कि रायगढ़ विधानसभा सीट में अगर भाजपा से कोई चुनाव जीत सकता है वो है सुनील रामदास, चूंकि पिछले कई सालों से लगातार शहर से लेकर गांव-गांव तक उनके द्वारा किये गए सराहनीय सामाजिक कार्यो से वे काफी लोकप्रिय है। ऐसा कोई गांव नही ऐसा कोई मोहल्ला नही जहां सुनील रामदास के नाम से परिचित न हो। इस स्थिति में सुनील रामदास को रायगढ़ विधानसभा सीट से भाजपा की तरफ से चुनाव लड़ें तो यहां की जनता उन्हें ऐतिहासिक मतों से चुनाव जीताकर अपना विधायक चुनेगी इस बात से कतई इंकार नही किया जा सकता।

बहरहाल कल छत्तीसगढ के भाजपा अध्यक्ष सहित प्रदेश प्रभारी ओम माथुर का रायगढ़ आगमन हों रहा है और जिला भाजपा में टिकट को लेकर हों रही उठापटक चालू है। देखना ये है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच रायगढ़ के साथ साथ जिले की अन्य तीन सीट पर जीत हासिल करेगे के लिए क्या नए चेहरों पर दांव लगाने की बात पर मुहर लग सकती है।

 

रायगढ़ विधानसभा में नये चेहरे को मिलती है जीत
रायगढ़ विधानसभा सीट कभी कांगे्रस का गढ़ मानी जाती थी लेकिन पहली बार इस विधानसभा सीट से भाजपा के विजय अग्रवाल ने 2003 के विधानसभा चुनाव में पहली बार कांगे्रस प्रत्याशी कृष्ण कुमार गुप्ता को 15 हजार से भी अधिक मतों से पराजित करके यह सीट भाजपा की झोली में डाली थी इसके बाद 2008 के चुनाव में फिर से यहां भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा चूंकि यहां कांगे्रस ने प्रत्याशी का चेहरा बदलकर पूर्व केबिनेट मंत्री डाॅ शक्राजीत नायक को चुनावी मैदान में उतारा था और शक्राजीत नायक ने भाजपा प्रत्याशी विजय अग्रवाल को 18 हजार से भी अधिक मतों से हराकर यह सीट फिर से अपने कब्जे में कर ली थी लेकिन 2013 के चुनाव में भाजपा ने यहां अपना प्रत्याशी का चेहरा बदला और रोशनलाल अग्रवाल का चुनावी मैदान में उतारा जिसके बाद रोशनलाल अग्रवाल ने कांगे्रस के प्रत्याशी डाॅ शक्राजीत नायक को 20 हजार से भी अधिक मतों से हराकर फिर से भाजपा के खाते में डाली थी। लेकिन 2018 के चुनाव में यहां भाजपा के बागी प्रत्याशी विजय अग्रवाल ने सभी समीकरण बदल दिये जिसके चलते इस सीट से कांगे्रस प्रत्याशी प्रकाश नायक ने लगभग 17 हजार से भी अधिक मतों से जीत दर्ज करके सभी को चैंका दिया था। कांगे्रस ने यहां नये चेहरे के रूप में डाॅ शक्राजीत नायक के बेटे प्रकाश नायक को चुनावी मैदान में उतारा था और यहां से फिर से भाजपा के रोशनलाल अग्रवाल पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरे लेकिन उनकी जीत का सपना भाजपा के बागी उम्मीदवार विजय अग्रवाल के चलते टूट गया। यह सीट भाजपा के खाते में जाते-जाते बच गई।

Related Posts