WHO ने चेताया ‘एंडेमिक स्तर’ पर पहुंच रहा है डेंगू, चरमरा सकता है हेल्थ सिस्टम, बढ़े केस

by Kakajee News

Desk News: डेंगू, वैश्विक स्तर पर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बनता जा रहा है, कई देशों में इसके कारण तेजी से संक्रमण बढ़ने और मौत के मामले दर्ज किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस स्तर पर पिछले कुछ वर्षों में डेंगू का खतरा दुनियाभर में बढ़ा है, इसने कई प्रकार की नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
इस बीच पोलिटिको स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुख्य वैज्ञानिक डॉ जेरेमी फर्रार ने इसे बड़ा खतरा बताते हुए अलर्ट किया है। डॉ फर्रार ने कहा, जिस तरह से जलवायु परिवर्तन और इसके दुष्प्रभाव बढ़ते जा रहे हैं, इस वजह से ये संक्रामक रोग यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका के कुछ हिस्सों ‘एंडेमिक स्तर’ पर पहुंच रहा है।
एंडेमिक का मतलब किसी विशेष स्थान या लोगों के ग्रुप में फैलने वाली बीमारी, जिससे छुटकारा पाना मुश्किल हो सकता है।

भारत सहित बांग्लादेश और यूरोप के कई हिस्सों में पिछले कुछ वर्षों में डेंगू के कारण स्थिति बिगड़ती हुई देखी गई है। डॉ फर्रार कहते हैं, साल-दर-साल गर्मी बढ़ रही है। गर्म, नम जलवायु में डेंगू के वायरस के प्रसार का खतरा अधिक होता है। डेंगू के कारण जिस प्रकार के हालात बनते जा रहे हैं, ऐसे में डर है कि इससे कई देशों में पूरा हेल्थ सिस्टम चरमरा सकता है। हम ‘साइलेंट खतरे’ की तरफ बढ़ रहे हैं, जिसकी रोकथाम को लेकर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है।
डब्ल्यूएचओ विशेषज्ञ ने चेतावनी दी है कि डेंगू के बढ़ते मामलों के कारण यूरोप की स्वास्थ्य प्रणालियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। विशेषतौर पर बच्चों को डेंगू की स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराने और इंटेसिव केयर की अधिक जरूरत देखी जा रही है, यह हमारी स्वास्थ्य प्रणालियों को प्रभावित करने वाली समस्या है।

डॉ फर्रार कहते हैं, मुझे नहीं लगता कि हमने इससे पहले कभी भी डेंगू की समस्या को जलवायु से संबंधित स्वास्थ्य समस्या के रूप में देखा है, जबकि यह बड़ा और आवश्यक विषय है।
पिछले कुछ महीनों में डेंगू के कारण भारत के कई राज्यों में स्थिति बिगड़ती हुई देखी जा रही है। राजधानी दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु तक से मिल रही जानकारियों में अस्पतालों में रोगियों की संख्या और गंभीर स्थितियों में इंटेसिव केयर की बढ़ती जरूरत देखी गई है।

जम्मू-कश्मीर में पिछले 24 घंटे में 67 नए रोगियों को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक हालात बिगड़े हैं, हालांकि राहत की बात ये है कि ज्यादातर रोगी आसानी से ठीक होकर घर लौट रहे हैं।
एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक 21 अक्टूबर तक दिल्ली में लगभग 5,000 डेंगू के मामले सामने आए। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस साल 21 अक्तूबर तक शहर में डेंगू के 4,965 मामले दर्ज किए गए, जबकि इसी अवधि में 2022 में केवल 1,876 मामले, 2021 में 1,006 और 2020 में 489 मामले सामने आए थे।

राजधानी दिल्ली के साथ बिहार में भी डेंगू के कारण हालात बिगड़े हैं। 24 अक्तूबर तक राज्य में 6869 लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई है। अक्तूबर में हर रोज औसतन 286 लोगों को डेंगू का शिकार पाया जा रहा है।

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