राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को गड़चिरोली जिले के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित पिपली बुर्गी पहुंचकर आदिवासी नागरिकों के साथ दिवाली का त्योहार मनाया। उनका दौरा खत्म होते ही नक्सलियों ने बुधवार की रात को ही भामरागढ़ तहसील के पेनगुंड़ा गांव में एक युवक की पत्थर से कुचलकर बड़े ही निर्ममता से हत्या कर दी। इस समय नक्सलियों ने युवक पर पुलिस मुखबिर होने का आरोप लगाया।
लंबे दिनों बाद नक्सलियों द्वारा घटना को अंजाम देने के कारण एक बार फिर क्षेत्र के नागरिकों में दहशतपूर्ण माहौल निर्माण हुआ है। मृत युवक का नाम भामरागढ़ तहसील के लाहेरी गांव निवासी दिनेश पुसू गावडे (27) बताया गया है। पुलिस सूत्राें से मिली जानकारी के अनुसार, भामरागढ़ तहसील के धोड़राज पुलिस मदद केंद्र के तहत आने वाले ग्राम पेनगुंड़ा में बुधवार को क्रीड़ा स्पर्धा का आयोजन किया गया था।
इस स्पर्धा के लिए दिनेश भी पेनगुंड़ा पहुंचा था। स्पर्धा खत्म होते ही वह अपने ग्राम लाहेरी पहुंचा। इस बीच बुधवार की रात को ही दर्जनों की संख्या में पहुंचे नक्सलियों ने दिनेश के घर का दरवाजा खटखटाया। जैसे ही दिनेश बाहर निकला, नक्सलियों ने उसे गांव के मुख्य चौक में ले आए। यहां पर नक्सलियों ने दिनेश पर पुलिस मुखबिर होने का आरोप लगाते हुए पत्थरों से कुचलकर उसकी निर्ममता से हत्या कर दी।
नक्सलियों ने घटना को अंजाम देने के बाद घटनास्थल पर पर्चे भी छोड़े। जिसमें नक्सलियों ने दिनेश पर पुलिस मुखबिर होने का आरोप लगाया। लेकिन जिला पुलिस विभाग ने दिनेश पुलिस मुखबिर नहीं होने का स्पष्ट किया है। उल्लेखनीय यह हैं कि, राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को एटापल्ली तहसील के सर्वाधिक नक्सलग्रस्त पिपली बुर्गी गांव का दौरा किया।
इस समय मीडिया कर्मियों से बातचित करते समय मुख्यमंत्री ने जिले का नक्सलवाद खत्म होने का दावा िकया था। लेकिन जैसे ही उनका जिला दौरा खत्म हुआ नक्सलियों ने एक बार फिर अपनी सक्रियता दर्शायी है। इस घटना से ग्रामीणों में दहशतपूर्ण माहौल होकर इस संदर्भ में धोड़राज पुलिस मदद केंद्र में शिकायत भी दर्ज की गयी है। मृत दिनेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भामरागढ़ के ग्रामीण अस्पताल रवाना किया गया।
