रायगढ़ औद्योगिक नगरी के नाम से प्रख्यात है जहां आने को उद्योगों का संचालन हो रहा है पर जहां एक और देखा जाए तो उद्योगों द्वारा उद्योग का संचालन करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे, वहीं दूसरी ओर समाज कल्याण के नाम पर जहर बाटा जा रहा,
वहीं तमनार ब्लॉक के ग्रामीण विकास के नाम पर सिर्फ़ और सिर्फ़ प्रदूषण कि मार झेलते रहे हैं। फ्लाई ऐश कि समस्या अब ग्रामीणों के लिए नासूर बनती जा रही है, हवा के साथ लोगों को अब फ्लाई ऐश रुपी ज़हर भी फांकना पड़ रहा है,
फ्लाई ऐश कि समस्या से पीड़ित ग्रामीण विगत कई वर्षों से झेलने को मजबूर हैं , क्योंकि पीड़ित ग्रामीण वासियों कि कोई सुध लेने वाला नहीं, प्रत्येक वर्ष पड़ने वाले गर्मी में- पाता, बांधापाली, कुंजेमुरा, रेगांव समेत सलीहाभाठा, के निवासी इसी तरह धीमी जहर राख कि फांक लेकर जीवन जीने को मजबूर हैं पर किसी तरह का निदान नहीं होता बल्की निदान के नाम पर जिंदल कम्पनी प्रबंधन द्वारा सिर्फ़ आश्वासन दिया जाता है, और फिर से वही हाल होता है
कहा से आता है राख
जिंदल कंपनी द्वारा अपने चलित उद्योग में उपयोग में लाए जाने वाली कोयला का बचा ख़ाक को निर्माणीय डैम में डाला जाता है जो पूर्व से उछल रहा है , जो धीमी हवा पर ही उड़कर गांवों में घरों खाना कपड़ो में मोटी मोटी परत के साथ जम जाता है जिससे जीवन जीना दुभर हो चुका है क्या इसी तरह कि समस्या से जूझते रहेंगे ग्रामीण या फिर समस्या का निवारण भी होगा
क्या कहते हैं सरपंच
हम ग्रामीण इस वृहद समस्या से जूझ रहे हैं कोई सुध लेने वाला नहीं, खाने पीने पहनने लायक नहीं रहे, अब वृहद आन्दोलन कि तैयारी
जयपाल भगत, सरपंच
ग्राम कुंजेमुरा
