कोरबा। जिले में कटघोरा से चोटिया नेशनल हाईवे के बीच ग्राम मड़ई के पास का दृश्य लोगों की सांस थाम कर रखने वाला रहा। बच्चों सहित दंतैल और हाथियों का दल इस पार से सड़क पार कर उस पार के जंगल की जाने निकला था। जानकारी होने पर दोनों तरफ से आवागमन रुकवाया गया।। दोपहिया से लेकर चार पहिया और भारी वाहनों के पहिये थमे रहे। इतनी संख्या में हाथियों को नजदीक से देखने का रोमांच के साथ भय भी रहा कि जरा से कोई गड़बड़ी हुई और हाथी बिदक गए तो भगदड़ के हालात बन कर जान जोखिम में पड़ना तय था।,,लोगों ने सूझबूझ का परिचय दिया और बिना उग्र हुए, बिना धैर्य खोए हाथियों को छेड़छाड़ किए बगैर सड़क पार करने दिया। हालांकि थोड़ा बहुत शोर होता रहा लेकिन सभी हाथी बिना नुकसान पहुंचाए जंगल के भीतर चले गए।
स्थानीय लोगों की माने तो कई बार सड़क पर करते हुए हाथीयो का झुंड नजर आता है लेकिन इस बार इतने हाथियों को एक साथ समूह में सड़क पार करते हुए पहली बार देखा गया है जहां इस घटना के बाद सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। वही लोग इस दृश्य को अपने मोबाइल में भी कैद करते नजर आए। अगर हाथियों का झुंड मुख्य सड़क पर आता या किसी तरह का उत्पादत मचाता तो बड़ी घटना घट सकती थी।
बताया जा रहा है कि 31 हाथियों का झुंड था जो सड़क पार करते नजर आए इस इलाके में हाथी अलग-अलग समूह में घूम रहे हैं बताया जा रहा है कि लगभग 61 इलाके में विचरण कर रहे हैं जो किसानों के फसलों को भी बर्बाद कर रहे हैं।
हाथियों से फसलो नुकसान होने पर किसान काफी चिंतित नजर आ रहे हैं किसान हाथियों के आतंक से परेशान है।जंगल से लगे खेतो में हाथी ज्यादा नुकसान कर रहे हैं।
कुछ दिनों पहले लगभग 70 गांव के लोगों ने हाथियों से होने वाले फसल नुकसान मुआवजा और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन किया था जहां एकदिवसीय प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया था। मड़ई, बंजारी, चोंटीया, बनिया,परला, लाद, लमना, कोरबी, फुलसर, शर्मा, जलके,के अलावा कई ऐसे गांव है जो हाथियों से प्रभावित है और उन्हें काफी नुकसान झेलना पड़ा है जहां अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन के समक्ष बातें रखी हैं लेकिन अब तक कोई पहल नहीं होने से काफी नाराज नजर आ रहे हैं।
वही वन विभाग की टीम लगातार हाथी प्रभावित इलाकों में मुनादी करा रही है वहीं ग्रामीण को समझाइए से दे रही है कि जंगल की ओर न जाए वही हाथी के साथ छेड़छाड़ ना करें ना उन्हें नुकसान पहुंचा जिससे वह आक्रोशित हो। लगातार वन विभाग दिन और रात एक कर हाथियों पर नजर रखी हुई है और ड्रोन कैमरा से ट्रैकिंग कर उन पर नजर रखी हुई है ताकि कोई बड़ी जनहानि ना हो
