रायगढ़ जिला मुख्यालय स्थित स्व. लखीराम मेडिकल कालेज की छात्राओं द्वारा एक डाक्टर ने पढाई के दौरान अश्लील छेड़छाड संबंधी शिकायत पर महिला आयोग की टीम ने छात्राओं से अलग-अलग चर्चा करने के बाद शाम तक पूरे प्रकरण को नस्तीबद्ध कर दिया है। चूंकि जो छात्राएं जनसुनवाई में उपस्थित हुई थी उन्होंने अपने साथ हुई कोई छेडछाड नही होनें की बात कही और इस सुनवाई में 7 से 8 छात्राएं अनुपस्थित थीं। मेडिकल कालेज के डीन को भी इस मामले में गंभीरता बरतने के निर्देश देने के साथ-साथ कालेज में आंतरिक परिवाद समिति का डिस्पेलय लगाने को कहा है।
इस पूरे मामले में आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने पत्रकारों को बताया कि पहले भी जो शिकायत मिली थी उस पर आयोग के सदस्य ने मेडिकल कालेज जाकर जांच की थी और उस जांच के बाद हमारे पास फीड बैक आया था कि हमको इतना अधिक दबाव में रखा गया था कि कोई भी कुछ बोलेगा तो हम कैरियर खराब कर देंगे। चूंकि 60 प्रतिशत नंबर प्रैटिकल के जरिये मिलता है और रिर्टन के भी नंबर होते हैं इसलिये इस प्रकरण को फिर से रखा गया था, बंद कमरे में कालेज की छात्राओं से बात की। इस दौरान 19 छात्राएं मौजूद थी और 7 छात्राएं बाहर होनें की वजह से नही पहुंच सकीं। हमारी सदस्य श्रीमती कोसरिया और श्रीमती जूदेव ने एक-एक छात्राओं से अलग-अलग बात करके उनकी समस्याओं को सुना ताकि कोई यह शिकायत न कर सके, कि उनकी सुनवाई नही हुई। लेकिन सभी छात्राओं ने यह कहा कि उनके द्वारा शिकायत इस संबंध में नही की गई। आयोग की अध्यक्षा ने बताया कि 2022 में उनके पास जब शिकायत आई थी तब शिकायत करने वाली छात्राएं फस्टईयर की छात्राएं थी अब दो साल बाद वहीं छात्राएं फायनल ईयर में पहुंच गई है अब उनकी शिकायत को हम दिरकिनार नही कर सकते चूंकि बंद कमरे में उन्होंने जो कहा है अब इस प्रकरण को समाप्त कर रहे हैं।
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