कोरबा। उरगा- चांपा मार्ग में शुक्रवार की देर रात मड़वारानी के समीप सड़क हादसा हुआ था। इस हादसे में एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था। उसके सिर और सीने पर गंभीर चोटें आई थी। मौके पर पहुंची डॉयल 112 की टीम युवक को मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण उपरांत युवक को मृत घोषित कर दिया। मृतक के शव को मर्क्युरी में रखवाते हुए अस्पताल पुलिस को सूचना दी गई।
सुबह अस्पताल पुलिस चौकी प्रभारी दाऊद कुजुर अपनी टीम के साथ मृतक की शिनाख्ती का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान चांपा के मेंहदी पारा में रहने वाली एक महिला सहित चार पांच लोग पहुंचे, जिन्होंने शव की पहचान पीलू सहिस के रूप में कर ली। मृतक की पहचान करने वाली पूनम सहिस ने बताया कि करीब 15 साल पहले चांपा रेलवे स्टेशन के समीप एक 8 वर्षीय बालक भटकते मिला।वह भटकते हुए बस्ती तक पहुंच गया।
बस्ती के लोगों ने उससे बातचीत कर माता पिता का नाम और पता जानने का प्रयास किया, लेकिन वह कुछ भी नहीं बता सका। इसके बाद से ही वह बस्ती में ही रह रहा था। पूरे बस्ती के लोग उसे अपना मानने लगे। उन्होंने ही बालक को पीलू नाम दिया। उसे किसी भी घर में आने जाने और खाने की छूट दी। वह किसी की बात भी नही काटता था। वह रोजी मजदूरी कर देर शाम बस्ती पहुंचता और खाना खाकर सो जाता था।उसने कुछ ही दिनों के भीतर बस्तीवासियों को अपना बना लिया था। वर्तमान में उसकी उम्र 22 साल था।
पीलू देर शाम तक नहीं लौटा तो बस्तीवासियों ने खोजबीन शुरू की, जो पूरी रात चलती रही। तड़के एक वाहन चालक ने उन्हे मड़वारानी के समीप हादसा होने की जानकारी दी। उसने जो बताया उससे हुलिया पीलू से मिलता जुलता था। वे पतासाजी करते मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे, जहां पीलू की लाश मर्क्युरी में रखी मिली। जिसकी जानकारी बस्ती में भी दी गई है। यह खबर मिलने के बाद बस्ती में मातम छाई हुई है।
बस्तीवासियों ने पीलू का अंतिम संस्कार विधि विधान से करने का फैसला किया है। उसका क्रियाकर्म बेहतर ढंग से हो सके, इसके लिए चंदा कर रकम एकत्रित किया जाएगा। बहरहाल उरगा पुलिस ने बस्तीवासियों का बयान दर्ज कर शव को पीएम उपरांत उनके सुपुर्द किया जाएगा।
