केनापाली मामले में आदिवासी राजेश उरांव की मौत पर उठ रहे पर्दे, एसडीएम कोर्ट ने भी जारी किया है 11 लोगों को नोटिस

by Kakajee News

रायगढ़. रायगढ़ जिले के खरसिया विधानसभा स्थित ग्राम केनापाली के रहने वाले मृतक राजेश उरांव 30 वर्ष की मौत के मामले में परत दर परत रहस्य खुलता जा रहा है, जबकि इस मामले में पुलिस ने प्रारंभिक जांच में ही आदिवासी राजेश की मौत को टेªक्टर दुर्घटना मानकर डायरी को बंद करने की योजना बना ली थी, लेकिन पीड़ित पक्ष ने पूरे मामले को शुरू से ही संदिग्ध पाने के बाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता तथागत श्रीवास्तव से संपर्क करते हुए जांच में अलग-अलग जगहों पर आवेदन लगाए, इतना ही नही 30 वर्षीय राजेश उरांव की मौत पर इंसाफ पाने के लिए परिवार ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से लेकर सभी जगहों पर आवेदन देकर उचित कार्रवाई की गुहार लगाई थी लेकिन राजनीति हस्तक्षेप के चलते यह मामला फाईलों में कैद होकर रह गया था। यहां यह बताना लाजमी होगा कि 19 जनवरी को राजेश की मौत हो गई थी और इसे टेªक्टर दुर्घटना बताकर जूटमिल पुलिस ने सभी आरोपियों को बचाने के लिए शुरूआत कर दी थी।
जबकि पीड़ित पक्ष ने राजेश की मौत को हत्या बताते हुए पुलिस से यह कहा था कि इस मामले में न्याय संगत जांच करे लेकिन परिवार की एक नही सुनी। तब जाकर पीड़ित पक्ष ने हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता तथागत श्रीवास्तव के माध्यम से 6 मार्च को एसडीएम कोर्ट में आवेदन लगाया और एसडीएम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए 11 लोगों को समन जारी करते हुए आगामी 9 मार्च को उनके न्यायालय में उपस्थिति के लिए कहा है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ता तथागत श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में शुरू से ही तथ्यों को छुपाने के साथ-साथ आरोपियों को बचाने की कोशिश की गई है चूंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अलावा घटना स्थल में मिले साक्ष्य को भी नकारने का प्रयास किया गया था साथ ही साथ क्षेत्र के कोटवार ने भी इसे टेªक्टर दुर्घटना से भी इंकार किया था चूंकि उनके बयान में यह बात साफ हो गई कि घटना के दिन कोटवार के पास कोई भी टेªक्टर दुर्घटना की जानकारी नही आई थी। मृतक का पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर ने भी हत्या की आशंका से इंकार नही किया है।
पीडित पक्ष की ओर से मृतक राजेश उरांव के बडे पिता जी लच्छी राम उरांव ने लगातार एक साल से इस मामले को लेकर न्याय की लड़ाई लड़ते हुए अपने भाई के बेटे की हत्या में दोषी लोगों के उपर कार्रवाई की मांग करते हुए आ रहे हैं और धीरे-धीरे परत दर परत इस घटना से उठते पर्दे बताते हैं कि मामला दुर्घटना का नही बल्कि हत्या का है

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