कठिन परिश्रम एवं अनुशासन ही सफलता की कुंजी है – डॉ. हेमकुमारी पटेल, राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का षस्टम दिवस

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रायगढ़। शासकीय पालूराम धनानिया वाणिज्य एवं कला महाविद्यालय रायगढ़ के राष्ट्रीय सेवा योजना पुरुष एवं महिला इकाई द्वारा चलाए जा रहे सात दिवसीय विशेष संयुक्त शिविर के षस्टम दिवस की शुरुआत प्रभात प्रातः फेरी से किया गया। तत्पश्चात स्वयंसेवकों के द्वारा योग एवं व्यायाम किया गया। परियोजना कार्य के अंतर्गत मंदिर परिसर की साफ-सफाई एवं ग्राम की गलियों में दीवारों पर नारा लेखन का कार्य किया गया। दोपहर बौद्धिक परिचर्चा के अंतर्गत मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. हेमकुमारी पटेल, प्रो. अंशुमाला कुजूर, अतिथि प्राध्यापक प्रशांत प्रियदर्शी तथा श्रिया सोनी उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयंसेवकों को विधिक जागरूकता एवं कैरियर गाइडेंस की जानकारी दी।
प्रो. अंशुमाला कुजूर ने अपने उद्बोधन में कहा कि हर प्रकार के नशे से लोगों को दूर रहना चाहिए जो शरीर को खोखला कर देता है तथा नशे से जीवन का नाश होता है। उन्होंने स्वयंसेवकों को मूल अधिकार एवं मूल कर्तव्य के बारे में जानकारी प्रदान की। प्रो. श्रिया सोनी ने कहा कि सभी लोगों के लिए विधि की जानकारी अत्यंत आवश्यक है ताकि वह स्वयं तथा दूसरे को शोषित एवं पीड़ित होने से बचा सके। प्रो. प्रशांत प्रियदर्शी ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि ऑनलाइन साइबर क्राइम तथा फ्रॉड से बचने के लिए सभी को जागरूक किया जाना अत्यंत आवश्यक है ताकि व्यक्ति अपने कठिन परिश्रम से कमाए हुए धन को आसानी से मत गंवाये। डॉ. हेमकुमारी पटेल ने कहा कि कठिन परिश्रम एवं अनुशासन ही सफलता की कुंजी है।
उन्होंने विभिन्न प्रकार के कैरियर के संबंध में जानकारी देते हुए स्वयंसेवकों को कठिन मेहनत करने का आवाहन किया ताकि वे अपने सपनों को पूरा कर सकें। साथ ही उन्होंने महिलाओं के अधिकारों के संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि रात में महिलाओं की गिरफ्तारी नहीं की जा सकती और यदि महिला को गिरफ्तार किया जाता है तो महिला कांस्टेबल का होना आवश्यक है। उन्होंने अपने महाविद्यालय के जीवन को याद करते हुए कहा कि मैं भी एक स्वयंसेविका थी। राष्ट्रीय सेवा योजना व्यक्ति को समाज में जिम्मेदारी से अपने कर्तव्य का निर्वहन करने के लिए प्रेरित करता है।
कार्यक्रम अधिकारी संतोष कुमार नायक ने निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि जो व्यक्ति गरीबी के कारण से न्याय प्राप्त करने में असमर्थ होता है वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन करके निःशुल्क विधिक सेवा और न्याय प्राप्त कर सकता है। जिसके लिए विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अधिवक्ता एवं अन्य सहायता व्यक्ति को निःशुल्क प्रदान की जाती है।
रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें स्वयंसेवकों तथा ग्राम के छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। अभिनव विद्या मंदिर स्कूल के छात्र छात्राओं द्वारा रामायण की शानदार प्रस्तुति की गई। साथ ही लोक कलाकार गोकुल सिदार द्वारा लोक नृत्य प्रस्तुत किया गया जो बहुत ही मनमोहक था। स्वयंसेवकों द्वारा शिक्षाप्रद नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम को देखने के लिए ग्राम वासियों की बहुत बड़ी संख्या उपस्थित रही।

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Author: kakajee

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