“पढ़ाई के साथ पुताई फ्री!” छात्रावास में नया स्किल डेवलपमेंट मॉडल?

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कोड़ा सिन्या, लेलुंगा. आमतौर पर आदिवासी कन्या छात्रावासों में बच्चियों को किताबों से ज्ञान मिलता है, लेकिन प्रिय मेट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास, कोड़ा सिन्या (लेलुंगा) में तो “स्किल इंडिया” का नया ही प्रयोग देखने को मिल गया। यहाँ छात्राओं से पढ़ाई के साथ-साथ पुताई का भी हुनर निखरवाया जा रहा है!
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में नाबालिग बच्चियाँ दीवारों पर रंग-रोगन करती नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि यह सब छात्रावास की प्रभारी अधीक्षिका पूर्णिमा चौहान के निर्देशन में हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चियों से लगातार काम लिया गया। अब सवाल ये उठ रहा है कि ये “वर्क एक्सपीरियंस प्रोग्राम” था या फिर “दीवारों से दोस्ती अभियान”? 🤔
चौंकाने वाली बात यह भी है कि अधीक्षिका महोदया वर्ष 2015 से पदस्थ हैं, लेकिन अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। लगता है दीवारें तो रंगीं, पर जानकारी की फाइलें अभी भी फीकी हैं! 📂
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। अब देखना यह है कि जांच में दीवारों का रंग गाढ़ा साबित होता है या जिम्मेदारियों का रंग उड़ता है।
फिलहाल छात्रावास की दीवारें चमक रही हैं… और नन्हे बच्चों से करवाई गई पोतेई से ये साफ हो जाता है गांव में आदिवासी बच्चों के ऊपर कैसे कैसे दबाव बनाए जाते हैं

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Author: kakajee

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