रमेश चौहान की मौत के बाद बनी जांच समिति, एसडीएम बनाये गए जांच अधिकारी, एक महीने में सौंपी जाएगी रिपोर्ट, आंदोलन के बाद कलेक्टर ने दिये आदेश

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रायगढ़. रायगढ़ जिले में खरसिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम परसकोल में हुए हत्या के मामले में पुलिस पूछताछ के बाद एक युवक की अचानक तबियत बिगडने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना में अब आक्रोशित परिजनों एवं समाज के लोगों ने तहसील आफिस के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम परसकोल बीते कुछ दिन पहले अनिल चौहान नामक युवक की लाश खेत में मिली थी। इस मामले की जांच करते हुए पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ शुरू की थी। इन्हीं में रमेश चौहान नाम का व्यक्ति भी शामिल था। पुलिस को जानकारी मिली थी कि घटना वाली रात रमेश और मृतक अनिल चौहान साथ में शराब पी रहे थे और वह आखिरी बार मृतक के साथ देखा गया था।

इलाज के दौरान हुई मौत
पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान रमेश चौहान की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे तत्काल खरसिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रायगढ़ रेफर कर दिया। रायगढ़ में प्राथमिक उपचार के बाद भी हालत में सुधार नहीं होने पर रमेश को राजधानी रायपुर के डीकेएस अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान आज सुबह उसकी मौत हो गई।

पुलिस का प्रताड़ना से इंकार
इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है और दावा किया है कि पूछताछ के दौरान मारपीट की गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ी। वहीं कांग्रेस ने भी इस घटना को पुलिस प्रताड़ना का मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग पहले ही कर दी थी। हालांकि पुलिस ने किसी भी प्रकार की मारपीट या प्रताड़ना से साफ इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि रमेश से केवल पूछताछ की जा रही थी।

परिजनों ने किया चक्काजाम
रमेश चौहान की मौत के बाद परिजनों एवं समाज के लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस बर्बरता से ही रमेश की मौत होनें का आरोप लगाते हुए कल दोपहर से तहसील आफिस के सामने चक्काजाम करते हुए जब तक न्याय नही तब तक घर नही लौटने का नारा भी लगा रहे है। वहीं इस मामले में तहसील सभा कक्ष में एसडीएम, तहसीलदार, एसडीओपी द्वारा परिजनों व समाज के साथ बैठक की जा रही है। बाद में ग्रामीणों ने एनएच में पहुंचकर चक्काजाम शुरू कर दिया, जिसमें खरसिया विधायक उमेश पटेल भी मौजूद रहे और यह आंदोलन देर रात तक जारी था।

आश्वासन के बाद आंदोलन हुआ समाप्त
खरसिया विधायक उमेश पटेल ने ग्रामीणों की मांग से अवगत कराते हुए बताया कि घटना की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई के साथ ही मृतक के परिजनों को मुआवजा एवं मृतक रमेश चौहान की पत्नी को कलेक्टर दर पर नौकरी दिये जाने को लेकर आवेदन सौंपा। इस पर एसडीएम प्रवीण तिवारी ने मृतक की पत्नी को नौकरी व मुआवजा संबंधित आवेदन उच्च अधिकारियों तक पहुंचा कर शीघ्र निराकरण करवाने तथा घटना की मजिस्ट्रियल जांच करवाने के लिए आश्वस्त किया। वहीं पुलिस विभाग की ओर से भी खरसिया थाना प्रभारी को लाईन अटैच करने का आश्वासन दिया गया, तब कहीं जाकर चक्का जाम समाप्त हो सका और प्रशासन ने राहत की सांस ली।

कई बिंदुओं पर लिये जायेंगे साक्ष्य
इस संबंध में खरसिया एसडीएम प्रवीण तिवारी ने बताया कि कलेक्टर ने जांच के आदेश दे दिये हैं और जांच अधिकारी का नेतृत्व वे खुद करेंगे और एक महीने के भीतर रिपोर्ट सबमिट करेंगे। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि तत्काल प्रभाव से खरसिया थाना प्रभारी को लाईन अटैच करने के भी आदेश दिये गए हैं और मृतक रमेश चौहान की मौत के कारणों की जांच के लिये कई बिंदुओं पर साक्ष्य लिये जाएंगे।

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Author: kakajee

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