महिला पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी, लूटपाट मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, वायरल वीडियो बनाने और फैलाने वाले आरोपियों को तमनार पुलिस ने किया गिरफ्तार

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रायगढ़। तमनार थाना क्षेत्र के सीएचपी चौक, लिबरा में धरना-प्रदर्शन के दौरान महिला आरक्षक के साथ मारपीट, बदसलूकी, अमानवीय व्यवहार और लूटपाट की गंभीर घटना में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। घटना के दौरान आरोपियों ने न केवल ड्यूटीरत महिला पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता की, बल्कि पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल भी किया था।
घटना के संबंध में थाना तमनार में अपराध क्रमांक 309/25 दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं सहित आईटी एक्ट की धारा 67(ए) के तहत मामला कायम कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान पूर्व में 7 आरोपी- मंगल राठिया, निवासी ग्राम आमगांव, चिनेश खमारी, निवासी-ग्राम आमगांव, प्रेमसिंह राठिया, निवासी ग्राम आमगांव, कीर्ति श्रीवास, निवासी ग्राम आमगांव तथा वनमाली राठिया, निवासी ग्राम झरना, कन्हैया राठिया निवासी झरना, चित्रसेन साहू निवासी झरना की पहचान हुई जो महिला पुलिसकर्मी से मारपीट, अभ्रदता और लूटपाट में शामिल थे जिन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।
घटना की पृष्ठभूमि में गारे-पेलमा सेक्टर-1 कोयला खदान के विरोध में 12 दिसंबर 2025 से ग्रामीणों द्वारा सीएचपी चौक, लिबरा में आर्थिक नाकेबंदी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया जा रहा था। 27 दिसंबर 2025 को जब पुलिस-प्रशासन मार्ग बहाल कराने पहुंचा, तब भीड़ उग्र हो गई और पुलिस बल पर हमला कर दिया, जिसमें कई जवान घायल हुए। इसी दौरान महिला आरक्षक के साथ गंभीर आपराधिक कृत्य किया गया। घटना दिनांक को अलग-अलग घटनाओं पर थाना तमनार में कुल 16 अपराध पंजीबद्ध कर किया गया जिनकी निष्पक्ष विवेचना हेतु अलग-अलग विवेचनाधिकारी नियुक्त किये गये हैं ।
महिला पुलिसकर्मी से जुड़े इस संवेदनशील प्रकरण में वायरल वीडियो की जांच हेतु एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर डीएसएपी सुशांतो बनर्जी द्वारा विशेष जांच की जा रही थी। जांच के दौरान गवाहों के कथन एवं तहसीलदार के समक्ष पंचनामा के आधार पर वीडियो बनाने वाले आरोपी की पहचान संजय मेहर निवासी बिजना, तमनार के रूप में हुई, जो घटना के बाद से गिरफ्तारी से बचने लुक छिप रहा था। पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास करते हुए उसे हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने मोबाइल से वीडियो बनाकर अपने साथी माधव गुप्ता उर्फ माधो बीसी निवासी नागरामुडा को भेजा था। माधव गुप्ता, जो पेशे से टीवी मैकेनिक है, ने उक्त वीडियो को विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में वायरल किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए माधव गुप्ता को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपराध स्वीकार किया। दोनों आरोपियों से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल जब्त किए गए हैं। आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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Author: kakajee

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