रायगढ़। रायगढ़ जिला मुख्यालय में जन्माष्टमी मेला की मुख्य पहचान मीना बाजार इस बार शायद न लगे, इसका बड़ा कारण है कि लगातार बिना अनुमती सामान गिराने और मीना बाजार सजाने के अलावा आसपास के रहवासियों की कडी आपत्ति के बाद नगर निगम व एसडीएम कार्यालय ने दोनों मीना बाजार संचालकों की अनुमती लगभग निरस्त कर दी है। मीना बाजार संचालकों द्वारा लगातार बरती जा रही अनियमितताओं को लेकर काकाजी डॉट काम ने प्राथमिकता के साथ शुरू से समाचारों के जरिये प्रशासन को आगाह किया था कि किस तरह मीना बाजार संचालकों द्वारा बीते दो सालों से लाखों रूपये में किराये की जमीन लेकर मनमाने ढंग से बिना अनुमती मीना बाजार सजाने का काम शुरू कर देते है, जबकि प्रशासन की तरफ से ना कोई सहमति लेते हैं और ना ही निगम प्रशासन को इसकी जानकारी देते है। इतना ही नही आसपास के रहवासी और आधा दर्जन से भी अधिक कालोनी वासी मीना बाजार लगने के कारण परेशानी का सामना करते थे।
इस संबंध में रायगढ़ एसडीएम महेश शर्मा ने बताया कि इस बार मीना बाजार लगाने की अनुमती संबंधी आवेदन दोनों मीना बाजार संचालकों ने दिये थे। उनके आवेदन मिलने के बाद उन्होंने पुलिस विभाग, नगर निगम, के अलावा अन्य संस्थाओं द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगे थे, लेकिन नगर निगम व यातायात विभाग द्वारा अनुमती नही मिलने के अलावा विभिन्न आपत्तियों को देखते हुए इस बार मीना बाजार संचालन की अनुमती अभी तक नही दी गई थी और जो आवेदन आये थे उनको निरस्त कर दिया गया है।
काकाजी डॉट काम ने बीते महीने भर से सावित्री नगर, ट्रांसपोर्ट नगर के मीना बाजार संचालकों की कथित मनमानी व उनके द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को अंधेरे में रखते हुए अपना पूरा तामझाम लगाने के समाचार प्रसारित किये थे, इतना ही नही मीना बाजार संचालन के दौरान होनें वाली गंुडागर्दी और यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त संबंधी जानकारी भी प्रशासन के सामने लाई थी, अब दोनों मीना बाजार संचालकों के आवेदन निरस्त होनें के बाद यह बात साफ हो गई कि अभी तक दोनों मीना बाजार के मालिकों को इसके संचालन की अनुमती नही दी गई है।
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