रायगढ़। जिले में जुआ-सट्टा एवं विशेष रूप से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन एवं एडिशनल एसपी अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन पर “ऑपरेशन अंकुश” लगातार जारी है।
विदित हो कि रायगढ़ पुलिस “ऑपरेशन अंकुश” के तहत लगातार कार्रवाई के साथ-साथ सट्टे के अवैध कारोबार से जुड़े व्यक्तियों द्वारा नए तरीके से गतिविधियां संचालित करने की संभावना को देखते हुए पुलिस ऐसे आरोपियों और सट्टा खेलने वाले हर गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। पूर्व में सट्टे के मामलों में पकड़े गए आरोपियों के क्राइम रिकॉर्ड, उनकी गतिविधियों और डिजिटल फुटप्रिंट का भी बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि ऑनलाइन सट्टे के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचकर इस अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
इसी क्रम में दिनांक 03 अक्टूबर को चक्रधरनगर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बोईरदादर शालिनी स्कूल रोड स्थित गुरुकृपा प्रोविजन स्टोर के पास एक व्यक्ति मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट मैच पर हार-जीत का दांव लगवाकर सट्टा खिला रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर घेराबंदी कर संदेही पंकज जय सिंह पिता गोविंद राम जय सिंह, निवासी सिंधी कॉलोनी पक्की खोली, थाना चक्रधरनगर, जिला रायगढ़ को पकड़ा। जांच में उसके द्वारा मोबाइल फोन से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाने की बात सामने आई। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह करीब एक वर्ष से क्रिकेट सट्टे के कारोबार से जुड़ा हुआ है तथा पूर्व में भी सीएसपी रायगढ़ श्री मयंक मिश्रा द्वारा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। आरोपी सट्टे की रकम UPI के माध्यम से प्राप्त कर मुख्य खाईवाल को ऑनलाइन भेजता था। पुलिस ने उसके कब्जे से एक नग Vivo V60 मोबाइल फोन जब्त किया। मोबाइल की Google Chrome हिस्ट्री में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा साइट की लिंक संचालित किए जाने के साक्ष्य भी मिले। मामले में आरोपी के विरुद्ध धारा 7 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम एवं धारा 3(5) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी पंकज को रिमांड पर भेजा जा रहा है । आरोपी से खाईवाल के संबंध में जानकारी मिली है जिस पर आगे विवेचना जारी है । सट्टा पर पूरी तरह से अंकुश लगाने रायगढ़ पुलिस सट्टा खिलाने और खेलने वालों पर नजर रखे हुए है ।
कार्रवाई सिटी एसपी श्री मयंक मिश्रा एवं सीएसपी श्री राहुल उईके के मार्गदर्शन में एसआई गेंदलाल साहू, एएसआई आशिक रात्रे, आरक्षक संदीप कौशिक एवं आरक्षक मिनकेतन साहू द्वारा की गई।


