सरिया। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया थाना क्षेत्र के ग्राम कोर्रा में 26 वर्षीय नवविवाहिता की मौत के मामले में पुलिस ने उसके पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में अपराध दर्ज किया है। पुलिस की मर्ग जांच में सामने आए बयानों के अनुसार, पति के कथित प्रेम संबंध को लेकर दंपती के बीच विवाद होता था। घटना से पहले भी दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। परिजनों के बयान और मोबाइल में मिले चैट संदेशों को आधार बनाकर पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।
पुलिस के अनुसार, मृतिका शीतल निषाद की शादी फरवरी 2026 में ग्राम कोटमार, रायगढ़ निवासी विजय निषाद की बेटी के रूप में शंकर निषाद के साथ सामाजिक रीति-रिवाज से हुई थी। दोनों परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ग्राम कोर्रा में रहते थे। मर्ग सूचना के मुताबिक, 26 सितंबर की शाम पति-पत्नी के बीच शंकर के कथित प्रेम संबंध को लेकर विवाद हुआ था। अगले दिन 27 सितंबर की सुबह भी दोनों के बीच कहासुनी होने की बात सामने आई है। इसके बाद शंकर निषाद सुबह करीब 8 बजे काम पर चला गया। कुछ देर बाद घर की एक महिला सदस्य शीतल के कमरे की ओर गई तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। खिड़की से झांककर देखने पर शीतल साड़ी के सहारे छत के पंखे से लटकी हुई दिखाई दी।
इसके बाद घर के अन्य सदस्यों को बुलाया गया। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर शीतल को नीचे उतारा और उपचार के लिए सरिया अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों के बयान में सामने आई विवाद की बात
मर्ग जांच के दौरान मृतिका के पिता विजय निषाद, मां सुकान्ति निषाद, बहन अर्चना निषाद सहित अन्य परिजनों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस के मुताबिक, बयानों में पति के किसी दूसरी युवती से कथित प्रेम संबंध और इसी बात को लेकर दंपती के बीच विवाद होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि घटना की सुबह शंकर निषाद ने कथित तौर पर शीतल से कहा था कि वह उसे छोड़ सकता है, लेकिन दूसरी युवती को नहीं छोड़ेगा और उसे जो करना है, कर ले। पुलिस ने मृतिका और उसके पति के मोबाइल फोन में मौजूद चैट संदेशों को भी जांच में शामिल किया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत की पुष्टि
पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी लगाने से दम घुटना बताया गया है तथा मृत्यु की प्रकृति आत्महत्या लेख की गई है। मर्ग जांच में जुटाए गए साक्ष्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने शंकर निषाद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
फिलहाल मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है। पति के खिलाफ लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि विवेचना के दौरान की जाएगी।



