रायगढ़। नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के गंभीर मामले में रायगढ़ की विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी मनीष सारथी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास और चिकित्सा संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उसे 5 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करने की भी अनुशंसा की है।
प्रकरण के अनुसार, घटना पुसौर थाना क्षेत्र की है। जून 2025 में नाबालिग बालिका के लापता होने के बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान बालिका के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मनीष सारथी के विरुद्ध कार्रवाई की गई। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने समर्थन में गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। सुनवाई पूरी होने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, एफटीएससी (पॉक्सो), रायगढ़ की अदालत ने आरोपी को दोषसिद्ध ठहराया।
अदालत ने पॉक्सो एक्ट सहित भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया। अन्य धाराओं में दी गई कारावास की सजाएं साथ-साथ भुगताए जाने का आदेश दिया गया है।
अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायगढ़ को 5 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की अनुशंसा की है। साथ ही दोषसिद्ध आरोपी को सजा भुगतने के लिए जेल भेजने का आदेश दिया गया है।
इस फैसले के माध्यम से अदालत ने नाबालिगों के विरुद्ध लैंगिक अपराधों के मामलों में दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और पीड़ित के पुनर्वास के महत्व को रेखांकित किया है।



