रायगढ़। ओपी जिंदल क्रिकेट एकेडमी, घरघोड़ा से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले राहुल प्रधान का चयन छत्तीसगढ़ की रणजी ट्रॉफी टीम में हुआ है। गुजरात में छत्तीसगढ़ और सौराष्ट्र के बीच खेले जा रहे मुकाबले में राहुल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 104 गेंदों में नाबाद 41 रन बनाए। वहीं, एकेडमी के एक अन्य खिलाड़ी सक्षम चौबे का चयन अंडर-19 स्तर की वीनू मांकड़ ट्रॉफी के लिए हुआ है। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि को जिले के लिए गर्व का अवसर बताया गया है।
जिंदल पावर तमनार की ओर से क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी उद्देश्य से जिंदल फाउंडेशन द्वारा घरघोड़ा में ओपी जिंदल क्रिकेट एकेडमी का संचालन किया जा रहा है। यहां स्थानीय खिलाड़ियों को क्रिकेट की बारीकियों का प्रशिक्षण देकर उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाता है। राहुल प्रधान का रणजी ट्रॉफी में चयन एकेडमी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
छत्तीसगढ़ और सौराष्ट्र के बीच खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी मुकाबले में राहुल को तीसरे दिन बल्लेबाजी का अवसर मिला। आठवें नंबर पर मैदान में उतरे राहुल ने 104 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 41 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और जयदेव उनादकट जैसे गेंदबाजों का सामना किया। बाएं हाथ के बल्लेबाज राहुल की इस पारी को उनके बल्लेबाजी कौशल और धैर्य का प्रदर्शन माना जा रहा है।
एकेडमी के लिए दूसरी उपलब्धि सक्षम चौबे का वीनू मांकड़ ट्रॉफी के लिए चयन है। सक्षम बाएं हाथ के गेंदबाज हैं और अंडर-19 वर्ग में बिलासपुर की ओर से खेलते हैं। दोनों खिलाड़ियों के चयन से एकेडमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अन्य खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
जिंदल फाउंडेशन की चेयरपर्सन शालू जिंदल ने दोनों खिलाड़ियों के चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर दोनों खिलाड़ियों की तस्वीर साझा कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए जिंदल फाउंडेशन की प्रतिबद्धता दोहराई।
जिंदल पावर तमनार सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत क्षेत्र में विकास कार्यों के साथ खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी काम कर रहा है। ओपी जिंदल क्रिकेट एकेडमी के माध्यम से स्थानीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और बड़े मंचों पर खेलने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। राहुल प्रधान और सक्षम चौबे का चयन इसी पहल की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है।



