रायगढ़। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान में खाद्यान्न के स्टॉक में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। पंडेजा गांव की उचित मूल्य दुकान में भौतिक सत्यापन के दौरान रिकॉर्ड में दर्ज मात्रा की तुलना में काफी कम चावल, शक्कर और नमक पाया गया। जांच में कुल 3 लाख 22 हजार 193 रुपये मूल्य के खाद्यान्न की कमी सामने आने के बाद पुलिस ने दुकान का संचालन करने वाले जय मां दुर्गा महिला स्व-सहायता समूह और विक्रेता के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक, मामले में कोतरा रोड थाना में अपराध दर्ज किया गया है। प्रकरण में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 एवं 7 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 35 का उल्लेख एफआईआर में किया गया है। मामले की विवेचना निरीक्षक शील आदित्य सिंह के नेतृत्व में की जा रही है।
एफआईआर में दर्ज जानकारी के अनुसार, 21 सितंबर को शासकीय उचित मूल्य दुकान पंडेजा, दुकान आईडी क्रमांक 412002059 का भौतिक सत्यापन किया गया था। जांच के दौरान मौके पर 48 क्विंटल चावल, 1.50 क्विंटल शक्कर और 4.50 क्विंटल नमक उपलब्ध पाया गया। वहीं, दुकान के ई-पॉस मशीन में प्रदर्शित स्टॉक के अनुसार 120.03 क्विंटल चावल, 5.44 क्विंटल शक्कर और 5.99 क्विंटल नमक होना चाहिए था।
इस तरह रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध खाद्यान्न के बीच बड़ा अंतर सामने आया। जांच में 72.03 क्विंटल चावल, 3.94 क्विंटल शक्कर और 1.49 क्विंटल नमक कम पाया गया। विभागीय आकलन के मुताबिक, चावल की कीमत 3,09,507 रुपये, शक्कर की कीमत 10,930 रुपये और नमक की कीमत 1,755 रुपये आंकी गई। तीनों की कुल कीमत 3,22,193 रुपये बताई गई है।
स्टॉक और वितरण रजिस्टर भी नहीं मिले
जांच के दौरान दुकान में स्टॉक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर, निरीक्षण पंजी और अन्य जरूरी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जाने की बात भी एफआईआर में दर्ज है। खाद्यान्न वितरण से संबंधित दस्तावेजों के अभाव में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का मिलान करने में भी गड़बड़ी सामने आई। विभागीय जांच में यह भी उल्लेख किया गया कि अगस्त 2026 में ऑनलाइन खाद्यान्न वितरण दर्ज होने के बावजूद 16 राशनकार्डधारियों को भौतिक रूप से खाद्यान्न नहीं मिलने की शिकायत सामने आई। इन राशनकार्डधारियों के हिस्से का कुल 4.99 क्विंटल चावल, 13 किलोग्राम शक्कर और 13 किलोग्राम नमक बताया गया है। इस संबंध में विक्रेता का कथन भी जांच में दर्ज किया गया।
नोटिस के बाद भी नहीं मिला संतोषजनक जवाब
दस्तावेज के अनुसार, मामले में संबंधित समूह और विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। हालांकि, निर्धारित प्रक्रिया के बाद भी संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने का उल्लेख जांच प्रतिवेदन में है। इसके बाद विभागीय जांच प्रतिवेदन के आधार पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
महिला समूह और विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई
उचित मूल्य दुकान का संचालन जय मां दुर्गा महिला स्व-सहायता समूह द्वारा किया जाता है। एफआईआर में समूह की अध्यक्ष, सचिव, सदस्यों और विक्रेता पवन चौहान के नाम दर्ज हैं। पुलिस ने मामले में अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। खाद्यान्न की कमी के लिए जिम्मेदारी किसकी है और पूरी गड़बड़ी किन परिस्थितियों में हुई, इसका अंतिम निर्धारण जांच के बाद होगा।


