लखनऊ के गुड़म्बा गांव में सात मई से लापता 13 वर्षीय सौरभ को उसके पड़ोस में ही रहने वाले 15 साल के दोस्त ने बेरहमी से मार डाला। पहले उसका गला दबाया, फिर उसके दोनों हाथों की नसें काट दी। मौत होने के बाद उसके शव को खंडहर नुमा मकान में ईंटों के ढेर के नीचे दबा दिया। सौरभ का कुसूर सिर्फ इतना था कि उसने आरोपी के सिगरेट पीने की शिकायत उसकी मम्मी से करने को कह दिया था। इसे लेकर दोनों में दो बार झगड़ा भी हुआ था। गुड़म्बा पुलिस ने सोमवार को आरोपी को गिरफ्तार कर यह खुलासा किया। शव बरामद कर लिया गया है। घटना के दिन ही सीसी फुटेज में आरोपी के साथ दिखने पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था। पर, पुलिस लापरवाह बनी रही और फौरी तौर पर पूछताछ कर उससे छोड़ दिया था।
मूल रूप से बाराबंकी निवासी निरंकार गुड़म्बा गांव स्थित कच्ची बस्ती में अपने परिवार के साथ रहते हैं। वह मजदूरी करते हैं और कभी-कभी सब्जी भी बेचते हैं। निरंकार ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनका बेटा सौरभ पड़ोसी लड़के के साथ चार हजार रुपये लेकर सामान लेने गया था। रोजाना दो बजे दोपहर तक आ जाता था। उस दिन शाम तक नहीं लौटा। इंस्पेक्टर फरीद अहमद ने फुटेज देखा तो आरोपी के साथ सौरभ सुबह आठ बजे जाते दिखा। इस पर उसे हिरासत में ले लिय गया।
पुलिस भी चकमा खा गई
पुलिस ने आरोपी लड़के से कई बार पूछताछ की लेकिन उसने कुछ नहीं उगला। पुलिस ने उसे दो बार छोड़ा और फिर हिरासत में लिया। बताया जाता है कि एक सब इंस्पेक्टर का परिचित होने के कारण आरोपी से पुलिस ज्यादा पूछताछ नहीं कर रही थी। यही वजह थी कि उसे निर्दोष मानकर छोड़ दिया गया था, जबकि परिवार वाले लगातार आरोप लगाते रहे कि आरोपी ने ही उनके बेटे को गायब किया है और कोई अनहोनी कर दी है। पर, पुलिस ने तब नहीं सुनी।
