रायगढ़. छत्तीसगढ़ में जैसे-जैसे कोरोना संक्रमण का ग्राफ गिर रहा है वैसे-वैसे सरकार लॉकडाउन धीरे-धीरे खोलने की शुरूआत कर रहा है। एक ओर राजधानी में सभी दुकानदारों को समय सीमा की छूट दे दी गई है वहीं कुछ जिलों में अभी भी कलेक्टर के आदेश से दुकानों का संचालन करने पर समय सीमा निर्धारित कर दी गई है, लेकिन इस छूट का फायदा शहर की जनता ऐसे उठा रही है जैसे लॉकडाउन खत्म हो गया है। बाजारों में उमड़ने वाली भीड से फिर से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है और यह लापरवाही जनता को महंगी पड़ सकती है।
रायगढ़ जिला कलेक्टर भीम सिंह ने जैसे ही कोरोना संक्रमण दर कम होते ही लाक डाउन के 5 वें हफ्ते 42 दिन बाद पहले फेज में रियायत बरतते हुए राशन दुकान, दुग्ध डेयरी के अलावा कृषि सामान, दुकान खोलने की अनुमति जारी किए वहीं कुछ होटल तथा कुछ अन्य दुकानदारों को ऑनलाईन सेवाएं देने की अनुमति दी वैसे ही लोगो के चहेरे में रौनक के साथ मुस्कान लौट आई लेकिन इस रौंनक के बीच सुबह जब हुई तो मानो रायगढ़ में लोगों की भीड़ सड़कों में दिखने लगी है। बहुत दिनों बाद दुकान खुली मिली तो लोगो की भीड़ शहर में उमड़ने लगा है मानो कल से फिर लॉकडाउन लगने वाला हो जिससे कोविड नियमों की अनदेखी हो रही है, लोगों के द्वारा बरती जा रही इस लापरवाही से कोरोना के घटते ग्राफ में कभी भी इजाफा हो सकता है। सबसे अहम बात तो यह है कि जिला प्रशासन ने जो नियम जारी किया है उस पर दुकानदार अमल करना तो दूर की बात है किसी को दूरी तक बनाने की सलाह तक नही दी जा रही है । ऐसे लापरवाही होती रही तो कोविड़ की इस महामारी को कैसे रोका जा सकता है ।
सड़क में उमड़ी भीड़
रायगढ़ की सड़कें इस कोविड़ मे लॉकडाउन लगने के बाद सुनी दिख रही थी लेकिन लॉकडाउन में मिली कुछ छूट के बाद ऐसे लग रहा है जैसे रायगढ़ की जनता कोविड़ से जंग जीत गई हो शायद इन लोगो को यह मालूम नही की आज कोविड़ बढ़ाने के जिम्मेदार भी यही लोग है जो कोविड़ जैसे बीमारी को हल्के में ले रहे थे
297
