नेशनल डाक्टर्स डे पर हुआ रायगढ़ की बेटी रेणुका का सम्मान, मुझे गर्व मै लोगों की जान बचाने, उन्हें नई जिंदगी देने के पेशे से हूं- रेणुका

by Kakajee News

रायगढ़। कहते हैं जिनके इरादे मजबूत होते हैं कामयाबी उनकी कदम चूमती है। इस कहावत को रायगढ़ की बेटी रेणुका शर्मा ने सही साबित किया है, कोरोना काल मे धरती के भगवान के रूप में जिन्होंने अपनी जान की परवाह किये बैगर दिन व रात मेहनत करके कोरोना मरीजो को ठीक करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई आज उन डॉक्टरों का दिवस है। इस अवसर पर आज रायगढ़ की बेटी रेणुका शर्मा का समाजसेवी संस्थाओ ने सम्मान करके उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।


कोरोनाकाल में एक समय ऐसा था जब लोगों को अपनी जान बचाना पहली प्राथमिकता बन गई थी। सौभाग्य से हम उस दौर से काफी हद तक अभी बाहर आ गए हैं। हम सब आज सही सलामत और स्वस्थ्य है। तो यह सिर्फ दो शक्तियों की वजह से था जिसमें पहला वह अदृश्य शक्ति जो इस संसार को चला रहे हैं और दूसरी वह शक्ति जिसे आज के युग में भगवान का दूसरा रूप कहा जाता है वह है डाक्टर्स जिसने अपनी जान पर खेलकर कोरोना संक्रमितों की जान बचाई। नेशनल डाक्टर्स डे पर आज पूरा देश उन सभी डाक्टरों को शुक्रिया कर रहा है जिन्होंने अपनी मेहनत व लगन से एक नही दो-दो बार देश को कोरोना के संकंट से बाहर निकाला है। आईये रायगढ़ की बेटी से उनके अनुभवों को जानने की कोशिश करते हैं। कैसे रहा उनके लिए कोरोनाकाल का समय, कैसे उन्होंने कोरोना संक्रमितों की सेवा कर उन्हें नई जिंदगी दी। कोरोनाकाल में ऐसा क्या हुआ जिसे वह हमेशा याद रखेगी।


अनुभव को साझा करते हुए नेचरोपैथी डाक्टर रेणुका शर्मा ने बताया कि वह मध्यप्रदेश के बैरागढ़ स्थित संत हृदयराम मेडिकल कालेज एवं योगिक साइंस मेडिकल कॉलेज से मेडिकल की डिग्री लेकर आई है। वर्तमान में आरएल हास्पीटल एवं वूमन वर्ल्ड में अपनी सेवा दे रही है। रेणुका ने बताया कि मैने अपनी जीवन में कभी कल्पना भी नही की थी जो समस्याएं हमें कोरोनाकाल के पहली लहर में झेली थी दूसरी लहर में इसका भयावह रूप देखने को मिलेगा। कोरोनो की दूसरी लहर में आक्सीजन की कमी से कई जाने गई। परिस्थितियां भले ही कठिन थी लेकिन हमे उम्मीद थी कि हमारी लगन और मेहनत के आगे कोरोना बहुत ज्यादा हावी नही हो पाएगा। लोगों की जान बचाना ही हमारा पेशा है, हमें ईश्वर से इसलिए बनाया है। मुझे गर्व है कि मै लोगों की जान बचाने, उन्हें नई जिंदगी देने के पेशे से हूं इससे ज्यादा और क्या चाहिए।

डाक्टर्स डे के अवसर पर आज जिले की पहली नेचरोपैथी डाक्टर रेणुका शर्मा का सम्मान लायंस क्लब की पूर्व अध्यक्षा लता अग्रवाल, हर्ष न्यूज चौनल की डायरेक्टर डॉली मित्तल, वूमन वर्ल्ड की डायरेक्टर बबीता शर्मा, योगा थैरेपिस्ट ज्योति साहू ने करते हुए रेणुका को डॉ. दिवस की बधाई दी।


नेचरोपैथी के जरिए सेवा देना लक्ष्य
आज विश्व डॉक्टर दिवस के अवसर पर अपना सम्मान होनें के बाद डॉक्टर रेणुका का कहना है कि नेचरोपैथी के जरिए वे लोगों के स्वास्थ्य पर काम करके अपनी सेवाएं देना चाहती हैं। चूंकि वर्तमान में भारी प्रदूषण व आपाधापी व कोरोनाकाल में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता नही होनें से लोगों को काफी परेशानी हो रही है और इसके लिए नेचरोपैथी से इलाज सबसे बेहतरीन तरीका है। वे चाहती है कि जल्द से जल्द इन सुविधाओं को एक चिकित्सा केन्द्र रायगढ़ जिले में खुले और वे अपनी टीम के साथ जनता की सेवा कर सके।


कविता लिखने का शौक है रेणुका को
डॉ रेणुका शर्मा की माता बबीता शर्मा जो कि वूमन वर्ल्ड की डायरेक्टर भी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी रेणुका कविताएं लिखने का भी शौक रखती है। इसका श्रेय वह अपने पापा को देती है। साथ ही रेणुका अपने माता के जैसे निस्वार्थ सेवा करने को अपना लक्ष्य बना ली है एवं रेणुका का आईडल डॉ. विक्रम पाय है जो कि आयुष मेडिकल ऑफिसर एम्स रायपुर में है।

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