इलाज के अभाव में लगातार भटक रही है हथनी, वन विभाग के अधिकारी नही दे पा रहे कोई जवाब….!

by Kakajee News

रायगढ़। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल के अंतर्गत आने वाले बोरो के जंगलों में एक बीमार हथनी कई दिनों से भूखे प्यासी भटक रही है और इलाज के अभाव में यह हथनी कभी भी दम तोड़ सकती है। इस बीमार हथनी की जानकारी जिले के डीएफओ से लेकर वन विभाग के हर छोटे से छोटे अधिकारी व कर्मचारी को है लेकिन कोई भी इसके इलाज के लिए पहल नही कर रहा है। स्थिति यह है कि गांव वालों ने इस बीमार हथनी के पेट भरने के लिए अपने स्तर पर व्यवस्था करके अभी तक इसकी जान बचा रखी है। नही तो कब की यह हथनी दम तोड़ चुकी होती। बीमार हथनी को देखकर मानवता को तार-तार साफ देखा जा सकता है चूंकि सरकार ने जहां एक ओर हाथियों की मौत पर अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की है वहीं इस मामले में अधिकारियों की चुप्पी भी रहस्यमयी है।


विगत कई दिनों से एक बीमार उम्रदराज हथनी जिले के धरमजयगढ़ रेंज ,कापू रेंज तो कभी बोरो वन परिक्षेत्र के जंगल सहित आसपास के रिहायसी इलाको में विचरण करती हुई दिख रही है। ये हथनी कई माह से बीमारी के चलते लाचार हो गई है। भूखी प्यासी हथनी को भटकने के दौरान आसपास के गांव वाले उसके लिए चारे की व्यवस्था करते हैं लेकिन वन विभाग के कोई भी अधिकारी-कर्मचारी इसके इलाज के लिए सामने नही आ रहे हैं। बातचीत के दौरान जवाब यह मिलता है कि बकायदा इस हथनी के विचरण पर नजर रखी जा रही है और इलाज के लिए पहल की जाएगी। लेकिन हो कुछ नही रहा है।


जानकार सूत्र बताते हैं कि इस हथनी ने अभी तक रिहायशी क्षेत्रों में न तो कोई क्षति पहुंचाई है और न ही जन हानि की है। भटकती हुई बीमार हथनी धरमजयगढ़ वन मंडल के अलग-अलग जंगलों में घुम रही है और यही स्थिति रही तो कभी भी उसकी मौत हो सकती है। ग्राम बोरो तथ कापू के ग्रामीण बताते हैं कि जब यह गांव की ओर पहुंचती है तो गांव वाले उसे कटहल, आम, केला तथा अन्य भोजन करवाते हैं और किसी को वह नुकसान नही पहुंचाती।


जानकारी के मुताबिक अब हथनी की हालत दिनो दिन बिगड़ रही है । फिलहाल बीमार हथनी धरमजयगढ़ वनमण्डल के बोरो रेंज और कोरबा वनमण्डल के सरहदी रेंज में आवाजाही कर रही है। अभी जिस क्षेत्र में हथनी विचरण कर रही है वो कोरबा वन मंडल का बॉर्डर क्षेत्र है। जहां कोरबा वनमण्डल घुसने पर वहां तैनात वन कर्मियों द्वारा उसे बोरो वन परिक्षेत्र की तरफ खदेड़ दिया जाता है,जबकि बोरो रेंज के वनकर्मी उसे कोरबा शयांग जंगल की तरफ भेज देते हैं।ऐसे में बीमार उमरदराज हथनी जो अब ज्यादा दूरी सफर भी तय कर पाने असमर्थ हो चुकी है। बहरहाल जिंदगी और मौत के बीच सफर कर रही इस हथनी का इलाज अगर समय पर नही हो पाता तो जल्द ही इसकी मौत भी हो सकती है। देखना यह है कि जिले के वन मंडल अधिकारी तथा जंगलों में कथित तौर पर इसकी देखरेख पर नजर रख रहे अधिकारी क्या कदम उठाते हैं।


वर्सन
मादा हथनी काफी वृद्ध हो गई है उस पर लगातार निगरानी की जा रही है। विभाग के द्वारा किसी तरह उसे दवा व खाना भी दिया जा रहा है। फिलहाल अभी वह कोरबा वन मंडल क्षेत्र में विचरण कर रही है। पर उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
बीएस सरोटे
एसडीओ धरमजयगढ़

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