बच्चों की चल रही छुट्टी तो तेंदुआ ले रहा क्लास! स्कूल की कैंटीन में मिला, घंटों छकाया

by Kakajee News

कोरोना महामारी की वजह से अभी स्कूलों में ताले लटके हुए हैं और फिलहाल छात्र कब स्कूल जा सकेंगे इसकी भी कोई जानकारी नहीं है। इस बीच महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के एक स्कूल कैंटीन में तेंदुआ घुस गया। तकाली धोकेश्वर गांव में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में तेंदुआ के घुस आने की खबर सामने आने के बाद अफरातफरी मच गई। बताया जा रहा है कि स्कूल के कर्मचारी स्कूल में साफ-सफाई के काम में लगे थे। इसी दौरान उनकी नजर कैंटीन में आराम फरमा रहे एक नर तेंदुए पर पड़ी।

तेंदुए पर नजर पड़ते ही स्कूल के कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया। आनन-फानन में स्कूल के कर्मचारियों ने कैंटीन के दरवाजे और खिड़कियों को बंद कर दिया। इस मामले की जानकारी तुरंत वन विभाग और वाइल्डलाइफ एसओएस को दी गई। जानकारी मिलते ही Wildlife SOS की टीम तेंदुए को रेस्क्यू करने के लिए मौके पर पहुंच गई। 5 सदस्यीय यह टीम अपने साथ जाल, पिंजड़ा और सुरक्षा के तमाम उपकरण लेकर पहुंची थी। स्कूल में आने के बाद इस टीम के सदस्यों ने स्कूल के सभी दरवाजे और खिड़कियों को एहतियात के तौर पर बंद करा दिया। अभी टीम तेंदुए को पकड़ने की योजना बना ही रही थी कि इस बीच घबराहट में तेंदुआ कैंटीन परिसर में इधर-उधर भागने लगा।


टीम ने कैन्टीन के दरवाजे पर एक छेद किया ताकि वहां से कैमरा और टॉर्च अंदर डाला जा सके और तेंदुए के सही लोकेशन के बारे में जानकारी मिल सके। मौका पाकर इसी छेद से वेटनरी डॉक्टर निखिल बंगार ने तेंदुए को बेहोशी का इंजेक्शन दिया। बेहोश होने के बाद तेंदुए को वाइल्डलाइफ एसओएस के हवाले कर दिया गया। इस तेंदुए का इलाज किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि तेंदुए की उम्र 7-8 साल है। यह भी पता चला है कि तेंदुए के शरीर पर कई जख्म भी थे।


डॉक्टर बांगर ने कहा कि तेंदुए के सिर, कान, गले और सीने के पास स्क्रैच मार्क्स हैं। ऐसा लगता है कि इस तेंदुए कि किसी अन्य नर तेंदुए से भिड़त हुई थी। जिसके बाद वो छिपने के लिए यहां चला आया। फिलहाल तेंदुए का इलाज किया जा रहा है।

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