टाटानगर में 58 घंटे में चौथी बार मालगाड़ी बपेटरी हो गई। हैरानी की बात यह है कि हादसा हर बार एक ही जगह पर हुआ है। रेलवे यार्ड की लाइन नंबर 12 पर गुरुवार रात 10.30 बजे खड़कपुर से आ रही मालगाड़ी की दो बोगियां बेपटरी हो गई। मालगाड़ी कोयला से लदी थी। इससे हावड़ा मुंबई मार्ग की टाटानगर स्टेशन से निकलने वाली कई लाइन पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है। इधर मालगाड़ी बेपटरी की सूचना पाकर टाटानगर के क्षेत्रीय रेल प्रबंधक विनोद कुमार समेत दर्जनों रेल अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने मालगाड़ी की बेपटरी दोनों बोगियों को अलग करने का आदेश दिया, ताकि अन्य बोगियों को डीजल इंजन द्वारा खींचकर दूसरी लाइन पर ले जाया जा सके। देर रात तक बेपटरी बोगियों को अलग लाइन पर चढ़ाने का काम जारी था। मालगाड़ियों और इंजन के पहियों की पटरी से उतरने की जांच के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे जोन की टीम गुरुवार सुबह से टाटानगर में है। डीआरएम के नेतृत्व में शाम तक लाइन पर ट्रेनों को दौरा का ट्रायल भी किया गया था लेकिन फिर मालगाड़ी पटरी से उतर गई।इससे घटना की सूचना चक्रधरपुर मंडल मुख्यालय और दक्षिण पूर्व रेलवे जोन में भेजा गया है।
पहली बार मंगलवार दोपहर 12.30 बजे लाइन नंबर 12 में ही मालगाड़ी बेपटरी हुई थी। दूसरी बार बुधवार अहले 3.50 बजे चार बोगियां पटरी से उतर गई थीं। दोनों हादसों में एक समानता भी थी कि मालगाड़ी खड़गपुर से ही आ रही थी। पटरी से उतरीं बोगियों के धक्के से ट्रैक्शन व सिग्नल सिस्टम ठप हो गया था। इस हादसे के बाद 11 घंटे तक ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया। टाटानगर से 250 से ज्यादा टिकट भी यात्रियों ने रद्द कराए। तीसरी बार बुधवार रात 9 बजे एक और मालगाड़ी के दो में से एक इंजन का पहिया पटरी से उतर गया था।
