रायगढ़। जूटमिल चौकी क्षेत्र के छातामुड़ा बाईपास मार्ग पर स्थित अपेक्स अस्पताल में डिलीवरी कराने पहुंची महिला के इलाज में इस तरह लापरवाही की गई कि आपरेशन से डिलीवरी कराने के बाद से ही पीड़िता महिला का पेट और पूरा शरीर फूलने लगा। जिसका डॉक्टर ने दोबारा आपरेशन करने की बात कहकर 15 जुलाई की शाम आपरेशन किया। जिसके कुछ समय बाद ही पीड़िता महिला की मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने ऑपरेशन के बाद पीड़िता को आईसीयू में भर्ती कर दिया परिजनों के बार बार कहने के बाद भी उन्हें पीड़िता को नहीं दिखाया गया बाद में शंका होने पर घरवालों ने हंगामा मचाना शुरू किया तब डॉक्टरों ने बताया कि पीड़िता की मौत हो चुकी है जिसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और शुक्रवार को पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ।

मिली जानकारी के अनुसार रेशमा अंसारी पति सैय्यद अंसारी उम्र 26 वर्ष निवासी गांधी नगर छातामुडा बीते 13 जुलाई को चेकअप करवाने के लिए अपेक्स अस्पताल गई थी जहां डॉक्टर ने जांच कर तत्काल ऑपरेशन करने की बात कही रेशमा के परिजन डॉक्टर की बात मानकर उसे उसी समय अस्पताल में भर्ती कर दिए मंगलवार की शाम 6 बजे ऑपरेशन कर नवजात बच्ची को बाहर निकाला गया। परिजनों के बताए अनुसार नवजात बच्ची के जन्म के बाद से ही रेशमा के पेट और शरीर में सूजन आने लगी जिस बात की जानकारी डॉक्टर को दी गई तब डॉक्टर ने दोबारा ऑपरेशन करने की आवश्यकता बताई डॉक्टर की बात मानकर परिजन दोबारा ऑपरेशन के लिए तैयार हुए तब गुरुवार को रेशमा अंसारी का दूसरी बार ऑपरेशन किया गया परिजनों के अनुसार इस ऑपरेशन को करने के लिए डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन ने कुल 27 यूनिट ब्लड मंगाया जिसे परिजनों ने ला कर दिया ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने पीड़िता की हालत गंभीर बताते हुए उसे अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती कर दिया परिजन बार-बार अपने मरीज से मिलने की मांग करते रहे लेकिन डॉक्टर ने उन्हें रेशमा से मिलने की अनुमति नहीं दी जिस बात से परेशान होकर गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि रेशमा के परिजनों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया जब अस्पताल प्रबंधन को लगा कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है तब पुलिस को सूचना देकर बुलाया गया पुलिस की उपस्थिति में अस्पताल प्रबंधन ने पीड़िता को मृत बता दिया। जिसके बाद मृतिका रेशमा के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से मौत होने की बात कहकर हंगामा मचाना शुरू कर दिया रात भर हंगामा चलने के बाद भी परिजन शांत नहीं हुए ऐसी स्थिति में दूसरे दिन पुलिस बल की मदद लेनी पड़ी।
नगर कोतवाल के उपस्थिति में हुई चर्चा, मिला मुआवजा
शुक्रवार को सुबह से ही मृतिका रेशमा अंसारी के परिजन बड़ी संख्या में एकत्रित होकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के विरोध में प्रदर्शन करते रहे। जब इस बात की जानकारी जूटमिल चौकी और नगर कोतवाल मनीष नागर को हुई तब अपने दल बल के साथ नगर कोतवाल अपेक्स अस्पताल पहुंचे जहां बड़ी संख्या में भीड़ देखकर नगर कोतवाली भीड़ को अस्पताल परिसर से बाहर किया और मृतिका के परिजनों को साथ लेकर अस्पताल प्रबंधन से त्रिपक्षीय वार्ता की गई जिसमें अस्पताल प्रबंधन ने हंगामा शांत करने और किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं करनी की स्थिति में मुआवजा के तौर पर 3 लाख रुपए देने की बात कही। जिस पर मृतिका के पति और अन्य ने सहमति जताते हुए शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाना स्वीकार किया। इस दौरान मृतिका की बुआ ने बताया कि मृतिका की पहले दो बेटियां नॉर्मल डिलीवरी से हुई थी अस्पताल प्रबंधन ने लाभ कमाने के उद्देश्य से रेशमा का ऑपरेशन लापरवाही पूर्वक किया अब रेशमा की तीन बेटियां बिना मां की हो गई हैं अस्पताल प्रबंधन पर अपनी गलती छुपाने के लिए मुआवजा के नाम पर कुछ पैसे दे रहा है।
