बिहार में एक खौफनाक वारदात सामने आई है। यहां छोटे भाई की गलत की सजा बड़े भाई को चुकानी पड़ी। कुछ दिन पहले एक युवक पड़ोसी की रहने वाली शादीशुदा महिला को लेकर भाग गया था। इसके बाद से महिला के परिवार वाले युवक को ढूंढ रहे थे। युवक जब नहीं मिला तो उन्होंने महिला को भगाने की सजा उसके बड़े भाई को दे डाली। मुफस्सिल थाना के मोहनपुर गांव निवासी स्व. उमेश सिंह के पुत्र युवा व्यवसायी 22 वर्षीय गौतम कुमार को बदमाशों ने 18 जुलाई को मोबाइल कॉल से बुलाकर अपहरण कर लिया। उसके बाद उसी रात उसकी जमकर पिटाई की और हाथ-पैर बांध कर हसनपुर थाना क्षेत्र में छोटी बागमती नदी के पास एक खेत में फेंक दिया। नदी में जलवृद्धि व पानी के बहाव के बाद लाश खेत से बहकर नदी में आ गयी व बहते हुए गढ़पुरा थाना क्षेत्र में पहुंची। गढ़पुरा थाना की पुलिस की सूचना पर मुफस्सिल थानाध्यक्ष राजीव लाल व मृतक के परिजन ने पहुंचकर लाश की पहचान की।
गुरुवार को पुलिस ने सदर अस्पताल में लाश का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि गौतम की मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। इस मामले में मृतक के भाई श्रवण कुमार ने 12 लोगों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की मानें तो युवक की अन्यत्र हत्या कर ठिकाने लगाने के लिए लाश को यहां फेंक दिया गया। स्थानीय लोग तथा मृतक के भाई श्रवण कुमार ने बताया कि 18 जुलाई को गौतम कुमार को बदमाशों ने अपहरण कर लिया। काफी खोजबीन की गई लेकिन उसका अतापता नहीं चला। वहीं 19 जुलाई को गौतम की लाश हसनपुर थाना क्षेत्र के गोहा गांव की सीमा के समीप छोटी बागमती नदी के किनारे लगे जनेर के खेत में दिखाई दी जो प्रवाहित धारा होकर गुरुवार सुबह कौड़ा गांव के पास पहुंच गयी। शव की पहचान होने के बाद गौतम के घर में कोहराम मच गया।
