रायगढ़। रायगढ़ शहर के संजय मैदान में स्थित मंगल भवन को जिला चिकित्सालय के द्वारा अपने अधीनस्थ कर लिए जाने से इस क्षेत्र के गरीब तबके लोगों को शादी के अलावा अन्य सामाजिक एवं मांगलिग आयोजनों के लिए भवन उपलब्ध नही हो पाने की स्थिति में वार्ड के लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस बढ़ती महंगाई के दौर में कर्ज तले दबकर होटल या विवाहघरों में अपने घर का आयोजन करना पड़ रहा है। साथ ही लोगों को कई परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
रायगढ़ शहर के वार्ड नंबर 3 संजय मैदान में स्थिति अंबेडकर भवन जहां कभी इस भवन में इस क्षेत्र के अलावा आसपास के लोगों के लिए शादी, ब्याह, छट्ठी, दशगार्थ आयोजन के लिए बहुत बढ़िया विकल्प था। इस भवन का निर्माण आसपास के लोगों के जरूरत के मुताबिक सन् 1991-92 में हुआ था। सबसे पहले इस भवन के एक कोने में सर्दी, खासी के अलावा लोगों को लगने वाले छोटे मोटे जख्मो का उपचार भी हो जाता है। परंतु बीते कुछ वर्षो के दौरान स्वास्थ्य विभाग के द्वारा यहाँ पूरी तरह अपना आधिपत्य जमा लिए जाने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। एक तो ऐसे ही रायगढ़ शहर में सामुदायिक भवनों की कमी है ऊपर से संजय मैदान के आसपास स्लम बस्ती में रहने वाले लोग रोजी मजदूरी कर अपने घर का पालन पोषण करते हैं। घर में होने वाले मांगलिक कार्यो के लिए पर्याप्त जगह नही होने से अम्बेडकर भवन ही उनका एकमात्र विकल्प था, जो अब उनसे छीन गया है। जो इन गरीब परिवारों के लिए एक मुसीबत के पहाड़ के सामान है। मंगल भवन को जिला चिकित्सालय के रूप में अधिग्रहित किये जाने के बाद इस क्षेत्र के लोगों ने कई बार इसी क्षेत्र में दूसरी जगह सामुदायिक भवन बना कर देने की मांग की है। मगर नगर निगम के महापौर के वार्ड से सटा हुआ पिछड़ा वार्ड होनें के बावजूद मोहल्लेवासियों की मांग को अब तक अनसुना किया जाता रहा है। अब आलम यह है कि इस क्षेत्र के लोग कर्ज तले दबकर मोहल्ले से बाहर स्थित विवाह घर, होटल, धर्मशालाओ में घर के मांगलिक आयोजन करने पर मजबूर है।
साल बीतते गए…भवन के लिए नही रखी गई नींव

रामभांठा क्षेत्र के कुछ लोगों ने बताया कि महापौर घर के नजदीक वार्ड नं 4 में ही पुल के पास सामुदायिक भवन बनाने के लिए जगह का चयन तो कर लिया गया है। नगर निगम के द्वारा बकायदा उस स्थल पर सामुदायिक भवन के लिए ये जगह आरक्षिक है का बोर्ड भी लगा दिया गया है। परंतु क्षेत्र वासियों का दुर्भाग्य है कि कई साल बीत जाने के बावजूद इस जगह पर सामुदायिक भवन के लिए नींव तक नही रखी गई। जब महापौर के वार्ड में ही विकास के नाम पर इस तरह की लापरवाही खुलकर सामने आए तो सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है शहर के अन्य वार्डो में विकास की क्या स्थिति होगी।
क्षेत्रवासियों की परेशानी बढ़ी-शिवशंकर

रामभांठा संजय मैदान के पास रहने वाले भाजपा नेता शिवशंकर अग्रवाल ने बताया कि मोहल्लेवासियों के काफी प्रयास के बाद तीन दशक पहले सन् 1991-92 में सुंदरलाल पटवा जब मध्यप्रदेश सरकार मंे तब इस भवन का निर्माण हुआ था। इस भवन के निर्माण होने से क्षेत्र में निवासरत गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों को सामाजिक कार्यक्रम शादी ब्याह, छट्ठी जैसे अन्य कार्यक्रम यहां होते आ रहा था। किंतु बीते कुछ वर्षो से इस जगह को जिला चिकित्सा का स्वरूप प्रदान कर दिया गया है। जिससे अब इस क्षेत्र के लोगों को किसी भी सामाजिक कार्यक्रम के लिए इस क्षेत्र में कोई भवन नही होनें से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। श्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि शहर सरकार को दो महापौर देने वाला रामभांठा आज एक सामुदायिक भवन के लिए तरह रहा है, जो कि दुर्भाग्य की बात है।
स्वास्थ्य के साथ सामुदायिक भवन भी जरूरी- ब्रिजेश

वार्ड क्र. 3 के युवा ब्रिजेश सिंह का कहना था कि स्वास्थ्य के साथ-साथ इस क्षेत्र के रहवासियों के लिए सामुदायिक भवन भी जरूरी है। रामभांठा संजय मैदान में जो स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हो रहा है, उस भवन का उपयोग पहले सामुदायिक भवन के रूप में किया जाता था। जिससे मोहल्लेवासियों के अलावा आसपास के गरीब व मध्य वर्गीय परिवारों को काफी सुविधा होता था। बहुत ही कम शुल्क में जैसे छट्टी, शादी, दशकर्म, बर्थडे पार्टी का आयोजन जहां पहले कभी यहां था जो अब बीते 10 सालों से बंद हो चुका है। इस क्षेत्र में किसी तरह का अन्य न सामुदायिक भवन है न ही मांगलिग भवन जिससे लोगों को असुविधा हो रही है। इस क्षेत्र की जन संख्या ज्यादा है। ज्यादातर इस क्षेत्र में गरीब परिवार निवासरत हैं। यहां के लोगों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधि से सामुदायिक भवन के लिए कई बार मांग की गई परंतु हर बार उनको आश्वासन ही दिया गया।
क्षेत्र के लिए पूर्व से मंगल भवन स्वीकृत – सभापति जयंत ठेठवार

हमारे संवाददाता ने इस संबंध में जब नगर निगम के सभापति जयंत ठेठवार से चर्चा की तो उनका कहना था कि उस क्षेत्र के लिए सामुदायिक भवन के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से अस्पताल की भी महती जरूरत थी। वर्तमान में संजय मैदान स्थित भवन में जहां अस्पताल संचालित है। वहीं उसके बगल में वार्ड नं. 4 में मंगल भवन स्वीकृत किया गया है। जो पूरे क्षेत्र के वार्डवासियों की सुविधा की दृष्टि से स्वीकृत हुआ है और वर्तमान में जिसकी टेण्डर प्रक्रिया जारी है।
भवन की हो चुकी मांग, पर रिक्त भूमि का हुआ विक्रय- अशोक

हमारे संवाददाता ने इस संबंध में जब इसी क्षेत्र के भाजपा पार्षद और नगर निगम के सचेतक अशोक यादव से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि उनकी और वार्ड नं. 3 के पार्षद ईश कृपा तिर्की द्वारा सूखा तालाब में सामुदायिक या मंगल भवन स्वीकृत करने की मांग उठाई गई थी। मगर निगम प्रशासन ने जहां इस ओर ध्यान नही दिया वहीं दूसरी ओर प्रदेश की भूपेश सरकार ने उक्त भूमि को रिक्त भूमि बताकर विक्रय कर दिया है जिसके कारण वार्ड नं. 1,2,3,4 के पिछड़ी बस्ती के वार्डवासी लंबे अर्से से विवाह अथवा मांगलिग कार्यो के लिए भवन के अभाव में भटक रहे हैं।
