हफ्ते की शुरुआत में मैसूरु में कॉलेज की छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले मे पुलिस ने पांच मजदूरों को गिरफ्तार किया है। कर्नाटक के डीजी और आईजीपी प्रवीण सूद ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पांचों अक्सर मैसूर आते रहते हैं। सभी श्रमिक वर्ग से हैं, जो वायरिंग, लकड़ी और ड्राइविंग जैसे काम करते हैं। वे तमिलनाडु के तिरुपुर के रहने वाले हैं। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि उनमें से एक किशोर है। उसकी उम्र 17 साल बताई जा रही है। हालांकि इसकी पुष्टि होना बाकी है। मामले में छठा आरोपी अब भी फरार है।
24 अगस्त का मामला
उन्होंने 24 अगस्त को मैसूर के बाहरी इलाके में चामुंडी तलहटी के पास कॉलेज की छात्रा और उसके पुरुष मित्र के साथ मारपीट की और उन्हें लूटने की कोशिश की। पुलिस सूत्रों ने कहा कि जब वे सफल नहीं हुए, तो उन्होंने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की और बलात्कार किया। सूद ने बताया कि यह पहले डकैती का मामला है। अपराधियों ने तीन लाख रुपये की भी मांग की। लेकिन उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना का अब तक कोई ब्लैकमेलिंग एंगल नहीं है।
नशे के आदी हैं आरोपी
सूद ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोग अपने दोस्तों के साथ पड़ोसी राज्य की थोक सब्जी मंडी बांदीपल्या एपीएमसी यार्ड से किसी काम के लिए मैसूर आते थे। वापस तमिलनाडु जाने से पहले उन्हें शराब पीने और पार्टी करने की आदत थी। वे 24 अगस्त को वहां थे। उसके बाद क्या हुआ आप सभी जानते हैं।
कोर्ट से तेज सुनवाई की मांग की
सूद ने बताया कि कुछ आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि भी थी और वे तमिलनाडु के मामलों में शामिल थे। हम जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करेंगे। फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की टीमें जांच के हिस्से के रूप में काम कर रही हैं। उन्होंने हाईकोर्ट से मामले की सुनवाई में तेजी लाने की मांग की है। सूद ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो एक विशेष अभियोजक नियुक्त किया जाएगा और अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
