महिला से की जबरदस्ती की कोशिश, विरोध पर बेटियों के सामने गड़ासे से काटकर मार डाला, एक बच्ची घायल

by Kakajee News

बगहा पुलिस जिले के चौतरवा थाने के मठिया दियारा में गुरुवार दुष्कर्म के विरोध पर नाबालिग बेटियों के सामने महिला की गड़ासे से काटकर हत्या कर दी गई। बचाने गई बेटियों को भी आरोपित ने हमला कर जख्मी कर दिया। हत्या के बाद आरोपित मौके से फरार हो गया। दोनों बेटियों के सामने ही मां ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।

मृतका तारा देवी (40) लक्ष्मीपुर के बेचू यादव की पत्नी थी। घटना की जानकारी मिलते ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सूचना पर पहुंचे चौतरवा थानाध्यक्ष शंभूशरण गुप्ता, नदी थानाध्यक्ष समीर ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले की गंभीरता को देखते हुए बगहा एसडीपीओ कैलास प्रसाद भी मौके पर पहुंचे।

एसडीपीओ ने बताया कि महिला के पति ने गांव के ही मोतीलाल यादव पर अवैध संबंध के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। गुरुवार को गन्ने के खेत में बेटियों संग चारा काटने गई महिला से मोतीलाल ने जबर्दस्ती का प्रयास किया। इनकार करने उसे गड़ासे से काट दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जल्द ही आरोपित को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि सुबह में बेटा, दोनों बेटियों व पति के संग महिला ने खाना खाया। पति मजदूरी के लिए निकल गया। महिला नाबालिग बेटियों के साथ मवेशियों के लिए चारा लाने मठिया दियारा स्थित गन्ने के खेत में पहुंची। यहां तीनों अलग-अलग घास काटने लगी।

इधर, पहले से गन्ने के खेत में छिपा मोतीलाल महिला के सामने आ धमका। मोतीलाल उससे जबर्दस्ती करने लगा। महिला ने विरोध किया तो मोतीलाल ने गड़ासे से उसकी गर्दन पर वार कर दिया। खून से लथपथ चीखते हुए वह जमीन पर गिर गई। अवाज सुनकर दोनों बेटियां दौड़ी। उस समय भी मोतीलाल महिला पर गड़ासे से हमला कर रहा था। बेटियां मां को बचाने का प्रयास करने लगी, तो उसने उन दोनों पर भी हमला किया।

इसमें एक बेटी मामूली रूप से जख्मी हो गई। घटना को अंजाम देकर मोतीलाल फरार हो गया। घटना से गांव में तनाव का माहौल है। ग्रामीण आरोपित की हरकत से गुस्से में हैं। चौतरवा थानाध्यक्ष ने बताया कि महिला की बेटियों पूजा व रुपा ने पुलिस के सामने रोते-बिलखते हुए कहा कि हमलोगों के सामने ही मां को गड़ासे से काट दिया। एसडीपीओ ने बताया कि दोनों थानाध्यक्षों को जल्द से जल्द आरोपित को गिरफ्तार करने को कहा गया है।


दो दिन पहले बनवाया था गड़ासा
ग्रामीणों ने बताया कि दो-तीन साल पहले मोतीलाल साधु बन गया था। वह एक अलग झोपड़ी में रहता था। उसने दो दिन पहले ही पतिलार से गड़ासा बनवाया था। उसके पास कोई माल-मवेशी नहीं है। बावजूद गड़ासा देखकर ग्रामीणों ने कौतूहलवश पूछा तब उसने टेढ़ा जवाब दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि उसने किसी का काम तमाम करने की बात कही थी। लेकिन लोग कुछ समझ नहीं सके थे। गुरुवार को वह हत्या के उद्देश्य से ही महिला के पीछे गन्ने के खेत में गया था और जघन्य घटना को अंजाम दिया।

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