सांप से कटवाकर पत्नी की हत्या करने वाले एस. सूरज को केरल के कोल्लम की सेशन कोर्ट ने दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है। सूरज ने पत्नी को पहले नींद की गोलियां खिलाई थीं और फिर जब वह सो गई तो फिर सांप से कटवाकर जान ले ली थी। सोमवार को ही कोर्ट ने उसे परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर हत्या का दोषी करार दिया था। अदालत ने इसे दुर्लभतम मामलों में से एक कहा था, मगर उसने पति पी सूरज की उम्र को देखते हुए मौत की सजा से राहत दी है। अदालत ने कहा कि इससे ऐसे आपराधिक दिमाग वाले लोगों को गलत संदेश मिलेगा। केरल के पुलिस प्रमुख ने इसे एक ऐसा दुर्लभतम मामला बताया, जहां आरोपी को परिस्थतिजन्य साक्ष्य के आधार पर बेनकाब किया गया।
यह देश का संभवत: पहला मामला है, जब किसी की हत्या के लिए जहरीले सांप का हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। अदालत ने सूरज को दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है, लेकिन उसकी पत्नी उथरा के परिजनों ने इस पर निराशा जताई है। उसके परिजनों का कहना है कि वह इस सजा से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि सूरज को मौत की सजा होनी चाहिए और वे अदालत के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में जाएंगे। उथरा की मां मणिमेखला ने कहा कि सूरज ने पहले भी दो बार हत्या का प्रयास किया था और तीसरी बार में जान ले ली थी।
मणिमेखला ने कहा, ‘हम उसे मौत की सजा दिए जाने की उम्मीद कर रहे थे। यदि उसे मौत की सजा मिलती तो हर किसी को स्पष्ट संदेश मिलता कि इस तरह का अपराध करने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।’ अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि यह हत्या का दुर्लभतम मामला है, लेकिन दोषी की कम उम्र को देखते हुए उसे मौत की सजा नहीं दी जा रही है। इसके अलावा उसका पहले से कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं था। इस तर्क के साथ ही उन्होंने मौत की सजा देने से इनकार कर दिया।
पूरी जिंदगी जेल में बितानी होगी, देश भर में हुई इस कांड की चर्चा
अदालत ने कहा कि 32 वर्षीय सूरज को सभी सजा अलग से भुगतनी होगी। उसकी उम्रकैद की सजा 17 साल बाद ही शुरू होगी, जिसका मतलब है कि उसे अपना शेष जीवन जेल में बिताना होगा। सोमवार को कोल्लम की छठी अतिरिक्त सत्र अदालत ने सूरज को पिछले साल मई में 23 वर्षीय पत्नी उथरा को नींद में एक कोबरा से डसवाकर उसकी हत्या करने का दोषी ठहराया था। अभियोजन पक्ष ने उसके लिए मौत की सजा की मांग की थी। इधर, अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के पुलिस प्रमुख अनिल कांत ने कहा कि यह दुर्लभतम मामलों में से एक है जिसमें आरोपी को परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर दोषी पाया गया है।
दोषी को सजा तक पहुंचाने के लिए पुलिस की हो रही सराहना
मामले की जांच करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह इस बात का एक ज्वलंत उदाहरण है कि कैसे वैज्ञानिक और पेशेवर तरीके से हत्या के मामले की जांच की गई और उसका पता लगाया गया। उन्होंने तिरुवनंतपुरम में संवाददाताओं से कहा था कि मामला मुश्किल था। उन्होंने कहा कि जांच दल ने मामले को सुलझाने के लिए फोरेंसिक मेडिसिन, फाइबर डाटा, जानवर के डीएनए और अन्य सबूतों का विश्लेषण करने में बहुत मेहनत की।
