छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में जमा होंगे दो लाख रुपये,स्वाध्यायी को क्यों मिल रही है राशि

by Kakajee News

बिलासपुर। डीपी विप्र पीजी कालेज प्रबंधन फीस वृद्धि मामले में आदेश वापस लेने के साथ अब छात्रों को एक और बड़ी राहत देने का फैसला लिया है। बढ़ी हुई फीस के साथ जिन छात्रों ने शुल्क जमा किया है, उन सभी की राशि वापस होगी। 28 दिसंबर से छात्रों के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। 58 छात्र-छात्राओं को लगभग दो लाख रुपये वापस होंगे।
अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग द्वारा शिक्षण सत्र 2020-21 की मुख्य परीक्षा के लिए स्वाध्यायी छात्रों से आवेदन जमा लिया जा रहा है। डीपी विप्र पीजी कालेज प्रशासन ने बीए और बीकाम के छात्रों को 500 की जगह 3000 और बीएससी के छात्रों को 2500 की जगह 7300 रुपये फीस जमा लेने लगा। आशीर्वाद पैनल ने इसका पुरजोर विरोध किया तो प्रबंधन ने तत्काल इस आदेश को वापस ले लिया। प्राचार्य डा.अंजु शुक्ला ने स्पष्ट कहा कि फीस वृद्धि को लेकर कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। नियमित छात्रों के शुल्क संरचना में असमंजस के कारण बच्चों ने जमा किया है। तत्काल पुराने फीस संरचना के आधार पर छात्रों को आवेदन और शुल्क जमा करने आदेश दिया। जिसके बाद छात्रों ने राहत की सांस ली। इस बीच करीब 58 छात्रों ने बढ़ी हुई शुल्क के साथ फीस जमा भी कर दिया था। लेकिन अब प्रबंधन ने उन छात्रों को भी राहत देने का निर्णय लिया है। प्रो.मनीष तिवारी ने नईदुनिया को बताया कि राशि वापसी के लिए बैठक हो चुकी है। शासीय निकाय के अध्यक्ष के हस्ताक्षर के बाद बच्चों के बैंक खाते में उनकी राशि वापस कर दी जाएगी।
संकटकाल में छात्रहित
डीपी विप्र कालेज ने संभाग के उन सभी उच्च शिक्षण संस्थाओं को यह संदेश भी दिया है,कि संकटकाल में बच्चों की फीस वृद्धि सही नहीं है। छात्रहित को सर्वोपरी मानते हुए राहत देने का प्रयास करना चाहिए। इसका असर भी हुआ है। संभाग में सर्वाधिक युवाओं ने डीपी विप्र कालेज में प्रवेश को प्राथमिता में रखा है। स्नातक में प्रवेश की स्थिति अच्छी होने के बाद अब स्नातकोत्तर और स्वाध्यायी छात्रों की सीट भी तेजी से फुल हो रही है।

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