रायगढ़। बीतें हफ्ते भर से रुक रुक कर हो रही बारिश की वजह से शहर के कई इलाकों में पानी का जमाव हो गया है जिसके कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है साथ ही इन इलाकों सहित शहर में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के बढ़ने का खतरा भी बढ़ गया है लेकिन शहरी सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार निगम प्रशासन अब तक इसे लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
जिसे लेकर अब जिले के युवा भाजपा नेता व पूर्व भाजयुमो जिलाध्यक्ष विकास केडिया ने निगम प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए जमकर हमला बोल दिया है।शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में युवा भाजपा नेता विकास केडिया ने निगम प्रशासन को चेताते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि शहरवासियों के स्वास्थ्य को लेकर अगर निगम प्रशासन की ओर से लापरवाही बरती गई तो वे इसे हरगिज़ बर्दाश्त नहीं करेंगे।
जारी विज्ञप्ति में युवा भाजपा नेता ने कहा कि बारिश के साथ ही शहर के मध्य शहरी क्षेत्रों जिसमें इंदिरा नगर, लालटंकी, दारोगापारा, गांधी गंज व कुछ अन्य इलाके जहां पिछली बार भी डेंगू का फैला था उन इलाकों सहित शहर के अन्य कई क्षेत्रों में बरसाती पानी का जमाव हो गया है जहां मच्छरों का प्रकोप भी काफी बढ़ गया है लेकिन निगम प्रशासन के सफाई अमले द्वारा न तो इन क्षेत्रों में फॉगिंग किया जा रहा है और न ही नालियों में आवश्यक दवाईयों का छिड़काव किया जा रहा है जिससे साफ पता चलता है कि निगम प्रशासन शहरवासियों के स्वास्थ्य को लेकर बिल्कुल भी फिक्रमंद नहीं है।
आगे जारी विज्ञप्ति में भाजपा नेता ने राष्ट्रीय अखबार में छपी खबर के हवाले से कहा कि शहर के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित निगम के ज्यादातर वार्डों में निगम के सफाई कर्मचारी तक नियमित रूप से नहीं पहुंच रहें है जिसकी वजह से इन इलाकों में भी मच्छरों की तादाद बढ़ने के साथ ही मच्छरजनित जानलेवा बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया बढ़ने की संभावना भी बढ़ गई हैं जो कि बेहद चिंताजनक बात है।
आगे भाजपा नेता ने यह भी कहा कि निगम प्रशासन को चाहिए कि वो सर्वप्रथम शहर के ऐसे इलाकों की एक सूची बनाकर चिन्हित करें, जो पिछली बार हॉटस्पॉट रहे थे अथवा जिन इलाकों में इस बार हॉटस्पॉट बनने की ज्यादा संभावना हो।और फिर सिलसिलेवार और वैज्ञानिक आधार पर वहां नियमित रूप से फॉगिंग और आवश्यक दवाईयों का छिड़काव सुनिश्चित कराएं ताकि वहां मच्छरों के प्रजनन और वृद्धि पर रोक लगाया जा सकें और शहर को मच्छरजनित जानलेवा बीमारियों के फैलाव से सुरक्षित रखा जा सकें। अन्यथा वो सड़क पर उतरकर निगम प्रशासन के खिलाफ जोरदार आंदोलन करने को बाध्य होंगे जिसकी नैतिक जिम्मेदारी निगम प्रशासन की होगी।
