रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत महमंद के सचिव गंगे निर्मलकर के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद अब मामले में नया मोड़ आ गया है। सचिव ने सरपंच के ऊपर ही गबन का आरोप लगाया है।
ग्राम पंचायत महमंद के जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी मंगलवार को जिला पंचायत कार्यालय अपनी शिकायत लेकर पहुंचे दरअसल ग्राम पंचायत महमंद के मुद्दे को लेकर जिला पंचायत की सामान्य सभा में मुद्दा उठाया गया था जिसमे यह कहा गया था कि 14वे और 15वे वित्त आयोग की राशि मे बंदरबाट हुआ है। जिसके बाद इस दिशा में जांच की गई तो पता चला कि कोरोना के समय लगभग 21 लाख का हेरफेर हुआ है जिसकी जांच की शिकायत करने के बाद अब इस दिशा में कार्रवाई हुई है तो वही ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि इस दिशा में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
इस संबंध में जिला पंचायत के सभापति अंकित गौराहा ने बताया कि केवल एक पंचायत में इस तरह का मामला सामने आया है अगर ऐसे ही सभी पंचायतों की भी जांच की जाए तो ऐसे और कई मामले सामने आएंगे जबकि जिला पंचायत सीईओ ने भी इस दिशा में निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है गौरतलब है कि पिछले कई समय से ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी की शिकायत मिल रही थी जिसके बाद इस दिशा में जांच करने के निर्देश दिए गए ऐसे में यह पहला मामला सामने आया है आने वाले समय में इसी तरह अन्य की भी जांच होगी जिसमें और कई खुलासे होने की उम्मीद है।
