रायपुर। देश के किसानों एवं कृषक समूहों को परंपरागत एवं देसी प्रजातियों के संरक्षण के लिए पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण के अंतर्गत पादप जीनोम संरक्षण पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए कृषकों से 12 फरवरी, 2021 तक आवेदन मंगाया गया है। ज्ञात हो कि प्राधिकरण, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की ओर से प्रति वर्ष यह पुरस्कार दिया जाता है।
वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 के पादप जीनोम संरक्षण पुरस्कार के यह छत्तीसगढ़ के उन किसानों एवं कृषक समूहों के लिए सुनहरा अवसर है। जो किसान किसी भी परंपरागत देसी प्रजातियों का संरक्षण एवं चयन करके विकास का कार्य कर रहे हैं, वे किसान पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण के तहत पंजीकृत करवा कर पादप जीनोम संरक्षण पुरस्कार प्राप्त कर सकते हैं। पादप जीनोम संरक्षक समुदाय पुरस्कार के तहत एक वर्ष में पांच कृषक समूहों को पुरस्कार दिया जाता है।
प्रत्येक समूह को मिलेगा दस लाख
साथ ही प्रत्येक समूह को 10 लाख रुपये की नकद राशि दी जाती है। पादप जीनोम संरक्षक कृषक प्रतिदान पुरस्कार के अंतर्गत प्रति वर्ष 10 कृषकों को पुरस्कृत किया जाता है और प्रत्येक कृषक को 1.5 लाख रुपये की नकद राशि दी जाती है। पादप जीनोम संरक्षक कृषक सम्मान के तहत 20 कृषकों को प्रति वर्ष पुरस्कृत किया जाता है और प्रत्येक कृषक को एक लाख रुपये की नकद राशि दी जाती है। अब तक छत्तीसगढ़ के 15 प्रगतिशील कृषकों को उपरोक्त सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। किसान एवं कृषक समुदाय पादप जीनोम संरक्षक पुरस्कार के आवेदन पत्र प्राधिकरण की वेबसाइट पर जा कर डाउनलोड कर सकते हैं। व्यक्तिगत रूप से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
